लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिन में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को कंट्रोल रूम के निरीक्षण के निर्देश दिए, वहीं शाम को मंत्री शिकायत सेवा केंद्र 1912 का निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्होंने स्वयं उपभोक्ताओं से फोन पर बात कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
मंत्री ने शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की गहन समीक्षा की और आपरेटरों द्वारा केवल शिकायत संबंधित अधिकारियों को आगे बढ़ा देने तथा बाद में उपभोक्ताओं एवं अधिकारियों से फीडबैक न लेने पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत दर्ज होने के बाद केवल उसे अग्रसारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि समस्या का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान हुआ या नहीं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण की निरंतर मानिटरिंग की जाए तथा उपभोक्ताओं से संपर्क कर समाधान की गुणवत्ता का भी फीडबैक लिया जाए।
यदि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर उदासीनता या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
