चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमने धरातल पर ‘आरक्षण में कोटा’ लागू कर सुनिश्चित किया है कि राय सिख युवाओं को सरकारी तंत्र और प्रशासन में उनकी आबादी के अनुसार उचित प्रतिनिधित्व मिले।
पंजाब में भी राय सिख समाज की बड़ी आबादी है, लेकिन वहां नीतियां केवल घोषणाओं तक सीमित हैं। जब हम पंजाब की स्थिति से तुलना करते हैं, तो हरियाणा में सुशासन का मॉडल सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को संत कबीर कुटीर पहुंचे ‘राय सिख समाज‘ के प्रतिनिधिमंडल से संवाद में कहा कि भाजपा की राजनीति का आधार वोट नहीं, बल्कि हर नागरिक का सम्मान और उसका विकास है।
‘सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रही सरकार’
सरकार तुष्टिकरण की नहीं, बल्कि सशक्तीकरण की दिशा में कार्य करती है। यह सरकार वोट बैंक नहीं बनाती, बल्कि विकास बैंक बनाती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता बदलाव के लिए तत्पर रहे और राज्य को खुशहाल बनाने की दिशा में कार्य करें। भाजपा की सरकार बनने पर पंजाब में नशे का धंधा करने वाले प्रदेश छोड़कर भाग जाएंगे।
नायब ने कहा कि भाजपा की ‘अंत्योदय’ की राजनीति है। संत कबीर कुटीर नाम ही समानता और भाईचारे का प्रतीक है। सरकार हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है जो राष्ट्र निर्माण में अपना पसीना बहा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बदल रहा है। नये भारत में अब किसी समाज की पहचान उसके अतीत से नहीं, बल्कि उसके वर्तमान, उसके सामर्थय और उसके परिश्रम से तय होती है। आज अवसर, मंच और आगे बढ़ने का अधिकार भी सबका है।
हमने सिख समुदाय की पीड़ा को समझा: नायब सैनी
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सार्थकता तभी है, जब विकास का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ हरियाणा में राय सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही पीड़ा को समझा और ‘वंचित अनुसूचित जाति’ की श्रेणी में शामिल किया।
यह केवल कागजों पर किया गया बदलाव नहीं है, बल्कि उन्हें मुख्य धारा में लाने का संकल्प है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है, कोई भी समाज, कोई भी वर्ग, विकास की दौड़ में पीछे न रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती और राजनीतिक सचिव तरूण भंडारी मौजूद रहे।
