देहरादून। प्रदेश में दिसंबर से होने वाली जनगणना के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। शासन ने दूसरे चरण में जनगणना कार्य के लिए कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
इसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य के लिए कोई भी विभाग कर्मचारी उपलब्ध कराने से इन्कार नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्मिकों की तैनाती उनके कार्यस्थल के निकटतम ब्लाक में करने को प्राथमिकता दी जाएगी। जनगणना के मुख्य चरण की तैयारियों को लेकर बुधवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बैठक हुई।
बैठक में प्रधान जनगणना अधिकारियों यानी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, अपर जिलाधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों की आनलाइन बैठक में जनगणना के दूसरे चरण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों, मोबाइल एप व पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्मिकों की तैनाती को लेकर जारी एसओपी के प्रमुख प्रावधान भी बताए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना कार्य के लिए विभागों से निर्धारित संख्या में कार्मिक उपलब्ध कराए जाएं।
किसी विभाग की ओर से कार्मिक देने से इन्कार किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाने में भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां शिक्षकों की संख्या अधिक है। इससे जनगणना ड्यूटी में शिक्षकों की तैनाती के बावजूद न तो विद्यालय की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होंगी और न स्कूल का संचालन ठप होने की स्थिति बनेगी।
बैठक में सचिव जनगणना दीपक कुमार व निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य संबंधी दावों की जांच काे गठित होगा मेडिकल बोर्ड
जनगणना ड्यूटी से छूट के लिए आवेदन करने वाले कार्मिकों की स्वास्थ्य संबंधी दावों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे।
बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही छूट संबंधी निर्णय लिया जाएगा। बैठक में अधिकारियों से मुख्य चरण की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने और जनगणना कार्य के लिए उपलब्ध एप व पोर्टल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
