शिमला। प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा नेताओं के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का कर्मचारी और अधिकारी विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों से अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देना लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सीधा हमला है। रविवार को जारी दोनों मंत्रियों ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि भाजपा का इतिहास कर्मचारियों के हितों की अनदेखी से जुड़ा रहा है।
पुरानी पेंशन योजना से लेकर अन्य वित्तीय अधिकारों तक, भाजपा ने कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं किया। अब विपक्ष के नेता अधिकारियों को उनके वैधानिक दायित्वों के निर्वहन से रोकने और राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में दर्ज मुकदमे सही हैं या गलत, इसका निर्णय केवल न्यायालय कर सकता है, न कि राजनीतिक नेता। कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रही है। नेताओं के भाषणों से न तो मुकदमों की वैधता तय होती है और न ही अदालतों के अधिकार प्रभावित होते हैं।
मंत्रियों ने भाजपा से सवाल किया कि यदि उसके शासनकाल में कानून के तहत दर्ज मुकदमे उचित माने जाते थे, तो वर्तमान सरकार में वही प्रक्रिया गलत कैसे हो गई। उन्होंने इसे भाजपा की दोहरी नीति और राजनीतिक अवसरवाद का उदाहरण बताया। अनिरुद्ध सिंह और राजेश धर्माणी ने आरोप लगाया कि भाजपा इस समय आंतरिक गुटबाजी और नेतृत्व संकट से जूझ रही है तथा जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनावश्यक विवाद खड़े कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों की गरिमा तथा प्रशासनिक निष्पक्षता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कर्मचारी को राजनीतिक दबाव में काम करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को आरडीजी और जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में केंद्र से लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली थी, लेकिन कर्मचारियों को वेतन आयोग के एरियर और अन्य वित्तीय लाभ नहीं दिए गए।
इसके विपरीत वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने के साथ कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों की सुरक्षा के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता और कर्मचारियों के विश्वास के साथ काम कर रही है, जबकि भाजपा केवल धमकियों की राजनीति कर रही है।
