
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर मजीठा विधानसभा सीट से पप्पलप्रीत सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी की ओर से उनके नाम की घोषणा अमृतसर स्थित पप्पलप्रीत सिंह के आवास पर की गई। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह समेत अन्य वरिष्ठ नेता उनके घर पहुंचे और मजीठा सीट से पप्पलप्रीत सिंह की उम्मीदवारी का ऐलान किया। उम्मीदवार के नाम की घोषणा के साथ ही मजीठा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पप्पलप्रीत सिंह खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। वह फिलहाल जेल में बंद हैं। 2023 में अजनाला थाना मामले के बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA के तहत हिरासत में लिया गया था और असम की डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया था।
बाद में पप्पलप्रीत सिंह को पंजाब लाया गया और वर्तमान में वह गोइंदवाल जेल में बंद हैं। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार, NSA के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई है, जबकि अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि पप्पलप्रीत सिंह पंजाब से जुड़े मुद्दों और पंथ से संबंधित मामलों को लेकर सक्रिय रहे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी उम्मीदवारी के जरिए मजीठा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की जा सकेगी। मजीठा विधानसभा सीट पंजाब की राजनीति में काफी अहम मानी जाती है। यह सीट लंबे समय से शिरोमणि अकाली दल का मजबूत गढ़ रही है और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया यहां से लंबे समय तक विधायक रह चुके हैं।
ऐसे में अकाली दल (वारिस पंजाब दे) द्वारा पप्पलप्रीत सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से मजीठा में आगामी चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। उनकी उम्मीदवारी का असर अकाली दल के पारंपरिक वोट बैंक और क्षेत्र की सियासत पर कितना पड़ता है, यह चुनाव के दौरान देखने वाली बात होगी। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) इससे पहले फतेहगढ़ साहिब जिले की बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को भी अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका है। पार्टी अब धीरे-धीरे विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम सामने ला रही है।
