लखनऊ। प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए पीसीएस अधिकारियों के वेतन भुगतान में बड़ा बदलाव किया है। अब आईएएस और वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों की तरह जूनियर पीसीएस अधिकारियों का वेतन जिलों से नहीं बल्कि शासन से दिया जाएगा। योगी सरकार ने पीसीएस संवर्ग में चल रही दोहरी व्यवस्था को समाप्त कर केंद्रीकृत व्यवस्था लागू कर दी है। इससे सभी पीसीएस अधिकारियों को राहत मिल गई है।
प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज द्वारा मंगलवार को जारी शासनादेश के अनुसार, वेतन प्राधिकार पत्र अब नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा जारी किए जाएंगे। इसी प्राधिकार पत्र के आधार पर कोषागारों से वेतन भुगतान किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-11 और उससे ऊपर के अधिकारी पहले की तरह स्वयं वेतन आहरण करेंगे, जबकि लेवल-10 के अधिकारियों का वेतन संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी के माध्यम से जारी होगा।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना वेतन प्राधिकार पत्र के भुगतान होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। साथ ही पीएफ, आयकर और अन्य सभी कटौतियां पूर्व की तरह नियमानुसार जारी रहेंगी।
अब तक पीसीएस अधिकारियों को एडीएम स्तर पर पदोन्नति तक जिले से ही वेतन प्राधिकार पत्र जारी किया जाता था, लेकिन अब पीसीएस के रूप में ज्वाइन करते ही उनका वेतन प्राधिकार पत्र सीधे शासन स्तर से जारी होगा। इस निर्णय से वेतन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और वित्तीय अनुशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
