भिवानी। गांव नंदगांव निवासी 53 वर्षीय साइकिलिस्ट नरेन्द्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण का संदेश देते हुए एक अनूठी मिसाल कायम की है। उन्होंने करीबन 1200 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर प्रयागराज संग से कांवड़ लाकर अपने इस मिशन को और मजबूत किया है।

बता दें कि साइकिल यात्रा के बाद कांवड़ लेकर अपने पैतृक गांव नंदगांव पहुंचे नरेन्द्र यादव अब तक लगभग 21 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर चुके हैं। अपनी इन यात्राओं के माध्यम से वे लगातार पर्यावरण संरक्षण और आपसी भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। गांव नंदगांव में पहुंचने पर साइकलिस्ट नरेन्द्र यादव का अनेक ग्रामीणों ने स्वागत किया।

हर आदमी 15 पेड़ों की लकड़ी करता है खर्च

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र यादव एक सच्चे पर्यावरण प्रहरी के रूप में उभरे हैं, जो अपनी शारीरिक क्षमता और दृढ़ संकल्प का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कर रहे है। उनकी यह पहल निश्चित रूप से दूसरों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक होने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगी। वही प्रयागराज संगम से कावड़ लेकर पहुंचे साइकलिस्ट नरेन्द्र यादव ने बताया कि एक व्यक्ति अपने जीवन में 15 पेड़ों की लकड़ी को कम से कम खर्च करता है।

ऐसे में उसका दायित्व भी बनता है कि वह अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, ताकि हमारा पर्यावरण व प्रकृति संरक्षित रह सकें। इसी उद्देश्य से वे पिछले करीबन 10 वर्षो के दौरान विभिन्न साइकिल यात्राएं कर लोगों को संदेश देते है।

इन जगहों से गुजरे नरेंद्र

उन्होंने बताया कि अब तक वे कश्मीर से कन्याकुमारी, नंदगांव से बाघा बार्डर, भिवानी से नेपाल के काठमांडू, द्वारका, पोरबंदर, सोमनाथ, स्टैच्यू आफ यूनिटी, वाराणसी, कोलकत्ता, जगन्नाथपुरी, गंगासागर सहित चारों धामों की यात्रा पूरी कर चुके है। वे पर्यावरण व भाईचारे का संदेश देने के साथ ही शरीरदान की बात भी कहते है कि उन्होंने अपना भी शरीरदान करवाया हुआ है।