चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा मात्र धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और मानवता के कल्याण का जीवंत संदेश है। यह यात्रा हमें प्रेम, सेवा, समानता और राष्ट्र एकता का मार्ग दिखाती है तथा समाज को जोड़ने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को पंजाब के राजपुरा में आयोजित भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री असीम गोयल भी थे। मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची और झाड़ू लगाकर उपस्थितजनों को स्वच्छता अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र जी तथा माता सुभद्रा के चरणों में शीश नवाते हुए कहा कि भगवान श्रीजगन्नाथ संपूर्ण मानवता के नाथ हैं। उनके दरबार में किसी प्रकार का ऊंच-नीच, जाति, वर्ग अथवा अमीरी-गरीबी का भेद नहीं होता। रथयात्रा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं और प्रेम, सेवा तथा समर्पण ही सच्ची भक्ति का आधार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीजगन्नाथ की हजारों वर्षों पुरानी रथयात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक है। भारत की संस्कृति सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देती आई है।
मुख्यमंत्री ने इस्कान संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पिछले दो दशकों से संस्कार, गोसेवा, गीता प्रचार, अन्नदान, युवा जागरण और मानव सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का अभियान चला रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी और पूर्व सांसद परनीत कौर की मुलाकात हुई। दोनों के बीच पंजाब के राजनीतिक विषयों पर बातचीत हुई है।
