देहरादून: उत्तराखंड में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी और कांग्रेस मिशन 2027 में जुट गई है. एक तरफ जहां बीजेपी हैट्रिक लगाने की जुगत में लगी हुई है, तो वहीं कांग्रेस दस साल बाद सत्ता पर काबिज होने का प्लान बना रही हैं. यही कारण है कि दोनों ही पार्टियों के महारथी उत्तराखंड में आकर अपने नेताओं के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं. खास बात यह है कि कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों ही दलों में बूथ स्तर को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है.
बीजेपी की चुनावी तैयारियां: उत्तराखंड में अगले साल 2027 के शुरुआत में ही चुनाव होने है, जिसके लिए अभी से दोनों ही पार्टियां कांग्रेस और बीजेपी दमखम से तैयारियों में जुटी हुई है. इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बीते दिनों उत्तराखंड पहुंचकर चुनाव की तैयारी को धार दी थी. साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठककर तमाम रणनीतियां बनाई थी. इस दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी नेताओं को दिशा-निर्देश भी दिए थे.
कांग्रेस की तैयारियां: बीजेपी की तरह कांग्रेस भी अपने आप को चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार कर रही है. हाल ही में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भी राज्य के दौरे पर आई थी. उन्होंने भी प्रदेश भर में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी. कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड के तमाम क्षेत्रों का भ्रमण भी किया था. उसी आधार पर उन्होंने आगामी चुनाव के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने पर जोर दिया था.
कांग्रेस-बीजेपी की चुनौती: ये चुनाव बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि भाजपा एक बार फिर सत्ता पर काबिज होकर हैट्रिक लगाना चाहती है, तो वहीं दूसरी ओर लगातार दो चुनावों में सत्ता से बाहर कांग्रेस सत्ता में वापसी करना चाहती है. इन सबसे बीच तमाम क्षेत्रीय दल भी दोनों पार्टियों के लिए चुनौती बने हुए हैं. यही कारण है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं.
बीजेपी की क्या रणनीति होगी?: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि उनकी पार्टी अपने संगठन के आधार पर भी हर चुनाव को जीतती है. संगठन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र पोलिंग बूथ होता है, जिसके चलते पिछले एक महीने से बूथ प्रबंधन पर फोकस किए हुए हैं और प्रत्येक बूथ की बैठक हो रही हैं, जबकि शक्ति केंद्रों की बैठक संपन्न हो चुकी है.
हर स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके रणनीति बताई जा रही है. भविष्य में चुनाव को पूरी तरह बूथ स्तर पर केंद्रित किया जाएगा. इसके लिए बूथ की टोली को अच्छा और सशक्त बनाया जा रहा है. इसके अलावा चुनाव के मद्देनजर विधानसभा कोर कमेटी और जिला कोर कमेटी बनाई गई है. जो पार्टी के सभी कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से धरातल पर उतरने के लिए काम कर रही है.
– महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा –
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार आगामी चुनाव के मद्देनजर युवा संवाद कार्यक्रम, पूर्व सैनिकों का सम्मलेन, महिला सम्मेलन और ओबीसी की जातियों का सम्मेलन किया जाएगा. ऐसे में भाजपा हर स्तर पर हर व्यक्ति को जोड़ने जा रही है.
फरवरी 2027 में चुनाव प्रस्तावित है, लेकिन अगर उससे पहले भी चुनाव होता है तो भाजपा चुनाव के लिए तैयार है. भाजपा एक बार फिर चुनाव जीतकर उत्तराखंड में जीत का हैट्रिक लगाएगी.
– महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा –
कांग्रेस की रणनीति: कांग्रेस भी सत्ता पर काबिज होने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना की मानें तो संगठन को मजबूत करने का काम कांग्रेस पिछले पांच साल से कर रही है. साथ ही संगठनात्मक तौर पर संगठन सृजन के बाद प्रदेश के सभी ब्लॉक में कांग्रेस का पुनर्गठन किया गया है. प्रदेश के सभी 27 संगठनात्मक जिलों और महानगर अध्यक्षों ने ब्लॉक स्तर को मजबूत किया है. इसके साथ ही बूथ स्तर पर काम किया जा रहा है. इसी तरह विधानसभा लेवल पर बीएलए नामित है. इसके बाद बूथ कमेटी बनाई जाएगी, जिससे बूथ अध्यक्ष बनेगा. संगठनात्मक कार्यक्रम लगातार जारी है.
साथ ही प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को प्रदेश में चार जोन में बांटा गया है, जिसकी जिम्मेदारी प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत और करण महरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही इन चारों जोनो में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और हरीश रावत भी शामिल होंगे. साथ ही पार्टी कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करके, राज्य सरकार की विफलताओं पर हमला करेंगे.
– सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस –
