
पंजाब की केंद्रीय जेल श्री गोइंदवाल साहिब में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल में तैनात एक मेडिकल ऑफिसर को नशीले पदार्थ, बड़ी संख्या में कैप्सूल और गोलियों, मोबाइल फोन तथा नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है। एसएसपी सुरिंदर लांबा के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनमोलप्रीत सिंह जब ड्यूटी पर पहुंचे तो जेल प्रशासन ने नियमित जांच के तहत उनके बैग की तलाशी लेने की कोशिश की। आरोप है कि डॉक्टर ने बैग की जांच कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अधिकारियों को संदेह हुआ और विस्तृत तलाशी अभियान शुरू किया गया।
जेल अधिकारियों ने डॉक्टर के बैग के साथ उनकी आई-20 कार की भी जांच की। तलाशी के दौरान 997 लाल रंग के कैप्सूल, 1,490 अन्य कैप्सूल, 2,050 गोलियां, करीब 53 ग्राम चरस जैसा पदार्थ, दो मोबाइल फोन और 2,630 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना श्री गोइंदवाल साहिब में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रतिबंधित सामान जेल के भीतर पहुंचाने का सिलसिला कब से चल रहा था और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी शामिल है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। जांच का फोकस इस बात पर भी रहेगा कि जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के लिए किन-किन लोगों की भूमिका रही और इस गतिविधि का दायरा कितना बड़ा था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार मेडिकल ऑफिसर के परिवार के अन्य सदस्य भी पंजाब में चिकित्सा सेवाओं से जुड़े हुए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच केवल आरोपी की भूमिका तक सीमित है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
