शिमला। प्रदेश सरकार ने 20 बीघा से कम सरकारी जमीन पर अवैध कब्जाधारकों को राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 ( पालिसी फार रेगुलराईजेशन आफ सर्टेन एनक्रोचमेंट आन गर्वंमेंट लैंड-2026) को मंजूरी दी।
यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे में हैं।
यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है तथा इसे मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। प्रदेश में 1.67 लाख अवैध कब्जाधारी है, जिनमें से शिमला जिला में सर्वाधिक हैं। सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग कारणों से 2542 अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी। एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में सबसे वाजिब अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच की जाएगी तथा आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा। हिम केयर योजना को बीमा माडल में बदलाव किया गया है।
मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से सबसे अधिक चिकित्सक लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों में 1446 पद भरे जाएंगे।
बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी। करीब सात घंटे तक चली मंत्रीमंडलीय बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दी।
1446 पद भरने का निर्णय
भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 आपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर तथा 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-टू के पद शामिल हैं। राज्य के विभिन्न मेडिकल कालेजों में विभिन्न विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।
5 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे
31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई। सरकार के इस निर्णय से करीब 5 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
आवेदनकर्ताओं को 4.27 करोड़ वापस मिलेंगे
पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोडों के विज्ञापन वापस लेने तथा संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने की मंजूरी दी गई।
सरकारी कर्मचारियों की तरह जाब ट्रेनी भी हकदार हुए
अन्य सरकारी विभागों की तरह जाब ट्रेनीज भी पितृत्व अवकाश के हकदार होंगे। जाब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
ई-बसों की खरीद के लिए चौथे चरण को स्वीकृति
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण शुरू करने की मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी।
भांग की खेती को मंजूरी मिली
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी ताकि चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जा सके। जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की सिफारिशों को स्थायी स्वरूप मिला है।
घरेलू उपयोग के लिए रेत-बजरी उठाने का रास्ता निकाला जाएगा
मंत्रिमंडल ने घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी। इससे ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी और अनावश्यक दंड से बचाव होगा। अपनी जमीन से रेत-बजरी उठाने वाले ट्रैक्टर धारकों को राहत प्रदान करने का रास्ता उद्योग विभाग निकालेगा।
डीएफओ देंगे परमिट
मंत्रिमंडल ने ग्रेजिंग पालिसी-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक आनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे। इससे पशुपालकों को रियल-टाइम परमिट उपलब्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
– प्रभा
