चंडीगढ़: भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब के उचित प्रतिनिधित्व की रक्षा करने और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने शनिवार को बीबीएमबी में तैनात किए जाने वाले नवगठित अलग कैडर के कर्मचारियों के लिए विभागीय सेवा नियमों के गठन को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा, “पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के प्रावधानों के तहत, पंजाब में भाखरा और ब्यास बांधों से संबंधित परियोजनाओं को विनियमित करने के लिए भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड को एक कानूनी संस्था के रूप में गठित किया गया था। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित सहयोगी राज्य अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को बोर्ड में विभिन्न पदों पर प्रतिनियुक्ति पर भेजते हैं।”
हालांकि, विभिन्न पदों के लिए एक निश्चित कोटा होने के बावजूद, बीबीएमबी में पंजाब के हिस्से के पद अक्सर खाली रह जाते हैं, जिससे अन्य राज्यों के कर्मचारियों को इन रिक्तियों पर तैनात किया जा सकता है।
पंजाब बोर्ड के वित्त में 40% का योगदान देता है, चाहे उसके आवंटित हिस्से के मुकाबले कर्मचारियों की संख्या कितनी भी हो। इस स्थिति के कारण बोर्ड में पंजाब के कर्मचारियों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक अलग कैडर का गठन करना आवश्यक हो गया है।
गौरतलब है कि 15 नवंबर, 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान, बीबीएमबी के लिए 2,452 पदों वाले एक विशेष कैडर के सृजन को मंजूरी दी गई थी।
इन पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती नियम और अन्य सेवा शर्तें पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। मंत्रिमंडल द्वारा विभागीय सेवा नियमों को हाल ही में मंजूरी मिलने के बाद, इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इस निर्णय से पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर खुलेंगे और साथ ही बीबीएमबी में राज्य के उचित प्रतिनिधित्व की रक्षा और उसे मजबूत करना सुनिश्चित होगा।
