समाजवादी पार्टी के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह आगामी 14 अक्तूबर को आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल होंगे। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी तीनों को अमेठी में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। सात विधायकों के साथ ही तीनों विधायकों ने दो साल पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से बगावत कर भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था। हालांकि सपा ने कभी इनकी सदस्यता रद्द कराने की कोशिश नहीं की।
इन्हीं के साथ बगावत करने वाले मनोज पांडेय को तो कैबिनेट मंत्री भी भाजपा ने बना दिया है। माना जा रहा है कि अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन्हें सदस्यता दी जा रही है।हालांकि विधानसभा की वेबसाइट पर विनोद चतुर्वेदी का नाम अभी जालौन की कालपी विधानसभा सीट से सपा विधायक के रूप में दर्ज है। जबकि अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह असंबद्ध विधायक हैं। असंबद्ध श्रेणी में तीसरा नाम कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय का दर्ज है।
लोकसभा चुनाव से पहले की थी बगावत
पिछले लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा के कई विधायकों ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए भाजपा के पक्ष में क्रास वोटिंग की थी। इनमें विनोद चतुर्वदी, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, महाराजी देवी, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य शामिल थे। उसके बाद से इन सभी का सपा से अलगाव जगजाहिर है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव इन बागी विधायकों को लेकर कई बार तल्ख टिप्पणी भी कर चुके हैं। हालांकि हाल ही में राज्यसभा चुनाव में समर्थन जुटाने के नाम पर उन्होंने बागियों को भी साथ आने का ऑफर दिया था। उधर, बगावत करने वालों में से मनोज पांडेय योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं जबकि पूजा पाल को भाजपा ने प्रदेश पदाधिकारी बनाया है।
सपा पर बोला तीखा हमला
गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को अपने एक्स हैंडल से 14 अक्तूबर को भाजपा में शामिल होने की जानकारी साझा की। वहीं अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी हिन्दुस्तान से बातचीत में 14 को विधिवत रूप से भाजपा में शामिल होने की पुष्टि की है।
राकेश प्रताप सिंह ने तो मीडिया से बातचीत पर सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस जलाने वालों के साथ राजनीति करना संभव नहीं है। उन्होंने सपा पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने हिन्दुत्व और सनातन विरोध के नाम पर भी सपा को घेरा।
