चंडीगढ़: चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से विश्व प्रसिद्ध जादूगर सम्राट शंकर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारत की प्राचीन जादू कला के संरक्षण, संवर्धन और विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सम्राट शंकर ने कहा कि जादू केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
पांच दशकों से अधिक समय से जादू की दुनिया में सक्रिय सम्राट शंकर ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस कला को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने, युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जादू परंपरा को नई पहचान दिलाने संबंधी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ इस प्राचीन कला को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्राट शंकर के सुझावों की सराहना करते हुए कला और संस्कृति के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
सम्राट शंकर पिछले 50 वर्षों से देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तक वे 30 हजार से अधिक मैजिक शो प्रस्तुत कर चुके हैं, जिनमें लगभग 20 हजार शो समाजसेवा और चैरिटी के उद्देश्य से आयोजित किए गए। उन्होंने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण, नशामुक्ति, कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी उल्लेखनीय अभियान चलाए हैं।
उनकी उपलब्धियों में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होना भी शामिल है। कला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा देश-विदेश के अनेक राष्ट्राध्यक्षों, प्रतिष्ठित संस्थाओं और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी उन्हें सम्मान और पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सम्राट शंकर की कला, समाजसेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके भावी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सम्राट शंकर ने कहा, “जादू केवल नजरों का भ्रम नहीं, बल्कि एक साधना है। मेरा संकल्प है कि भारत की यह प्राचीन विधा कभी लुप्त न हो और इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की ज्योति निरंतर प्रज्ज्वलित होती रहे।
