आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की तारीफ की है. केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान पंजाब के पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने पंजाब नहीं लूटा. जबकि इससे पहले सबने पंजाब को लूटा. केजरीवाल ने यह बयान तब दिया जब आज 1 जुलाई को भगवंत मान सरकार ने पंजाब की महिलाओं के लिए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत की और 18 साल से ऊपर की सभी लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए. इस तरह से पंजाब में महिलाओं का लंबा इंतजार आखिर आज खत्म हो गया। साथ ही आम आदमी पार्टी का बचा हुआ आखिरी चुनावी वादा भी पूरा हुआ.
इसी कड़ी में सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ”आज पंजाब के लिए बहुत बड़ा दिन है। पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। अब तक सबने पंजाब को लूटा। भगवंत मान पहला CM है जिसने पंजाब को नहीं लूटा। सारा सरकारी पैसा लोगों तक पहुंचाया। पंजाब को लूटने वाले आज माताओं और बहनों को गालियाँ दे रहे हैं, भगवंत मान को गालियां दे रहे हैं। पर वो समझ लें, अब पंजाब बदल चुका है। अब पंजाब तेज़ी से विकास की राह पर चल रहा है। सभी पंजाबियों को बहुत बहुत मुबारकबाद।”
AAP का प्रमुख चुनावी वादा हुआ पूरा
ज्ञात रहे कि पंजाब की महिलाओं के लिए यह AAP का प्रमुख चुनावी वादा था, जो 2022 के विधानसभा चुनाव में किया गया था। आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के लगभग चार साल से ज्यादा समय तक महिलाएं इस वादे के पूरा होना का इंतजार करती रहीं। दरअसल विधानसभा चुनाव 2022 से पहले आम आदमी पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल ने खुद पंजाब की महिलाओं से वादा किया था की आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर राज्य में 18 साल से ऊपर हर महिला को 1000 रुपये हर महीने मिलेंगे। केजरीवाल ने कहा था कि अगर एक परिवार में एक बेटी है, एक बहू है, एक सास है तो तीनों के अकाउंट में 1-1 हजार रुपए आएंगे।
हालांकि बाद में महिलाओं के लिए यह योजना लागू करने से पहले आप सरकार ने इसमें बदलाव किया और इस योजना को 2 कैटेगरी में लागू किया गया. एक कैटेगरी में 18 साल से ऊपर जनरल वर्ग की सभी पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सम्मान राशि मिलेगी. दूसरी कैटेगरी में अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है. वहीं आज 1 जुलाई को योजना की शुरुवात होते ही महिलाओं के खातों में 3 महीने के पैसे इकट्ठे भेजे गए हैं. जिसमें दलित वर्ग की महिलाओं के मोबाइल में 4500-4500 रुपये आने के मैसेज आए. जबकि जनरल वर्ग की महिलाओं को 3 महीने के हिसाब से 3000-3000 रुपये मिले.
