चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में बुधवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में युवाओं, शिक्षा, रोजगार और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
वित्त मंत्री ने बताया कि नीट री-एग्जाम में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए 20, 21 और 22 जून को पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने का फैसला लिया गया है। इस दौरान विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र दिखाकर राज्य परिवहन की बसों में निशुल्क सफर कर सकेंगे।
इसके अलावा, पंजाब सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 1013 लेक्चरर पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एकमुश्त पांच वर्ष की छूट देने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को अवसर मिलेगा।
मानसून से पहले सरकार की तैयारी
वहीं, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में 156 जूनियर इंजीनियरों की सीधी भर्ती को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा तैयारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
राज्य में नहरों, ड्रेनों और अन्य जल निकासी मार्गों की डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) के कार्यों को तेज करने के लिए संबंधित अधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों को आवश्यक अधिकार दिए गए हैं, ताकि जरूरत के अनुसार तुरंत काम करवाकर बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने देश में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाएं उनके भविष्य और विश्वास को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं को निराश किया है।
छात्रों को एग्जाम सेंटर तक जाने में दिक्कत ना हो
इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने नीट री-एग्जाम देने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देकर उनकी मदद करने का प्रयास किया है, ताकि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।
वित्त मंत्री ने कहा कि कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, भर्ती प्रक्रिया को गति देना और आम लोगों की सुरक्षा तथा सुविधा को प्राथमिकता देना है।
