लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट की पवित्रता और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर चुनाव आयोग का शिकंजा कसता चला जा रहा है. पीलीभीत जिले में वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फर्जी इंट्री का मामला सामने आया है. इसके बाद चुनाव आयोग ने ECINET पोर्टल के दुरुपयोग पर लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी को डिएक्टिवेट कर दें.
हाल ही में पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ और फर्जी तरीके से नाम जोड़े व हटाए जाने के गंभीर मामले उजागर हुए थे. जांच में यह बात सामने आई थी कि किस तरह साफ्टवेयर और पोर्टल की कमियों व लॉग-इन क्रेडेंशियल का दुरुपयोग करके गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया. इस गंभीर लापरवाही के चलते शासन ने पहले ही पूरनपुर के तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के तत्कालीन एसडीएम हेमंत चौधरी समेत अन्य जिम्मेदार कर्मियों पर निलंबन और एफआईआर की गाज गिराई थी. इसके अलावा आजमगढ़ में भी मतदाता सूची में बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलने पर कड़े कदम उठाए गए थे, जहां एक व्यक्ति का नाम कई-कई बार दर्ज मिलने पर संविदा पर तैनात कंप्यूटर सहायक और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी.
आयोग के सख्त निर्देश- किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची जैसे संवेदनशील और लोकतांत्रिक रूप से महत्वपूर्ण दस्तावेज की शुचिता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एहतियातन यह बड़ा कदम उठाया गया है.
नए आदेश के तहत सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीन आने वाले सभी ERO कार्यालयों के कंप्यूटर सहायकों की आईडी बंद कराने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें. इसके बाद संबंधित ईआरओ से इसकी आधिकारिक पुष्टि भी प्राप्त की जाएगी. जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं इस पूरी कार्रवाई का भौतिक सत्यापन करेंगे और इसके बाद अनुपालन रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजेंगे.
