शिमला: चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश सरकार को कुल 8,473 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है. इस बातकी जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार की ओर से दी दी गई है. इसे लेकर करसोग के विधायक ने सवाल पूछा था.
सदन में प्रस्तुत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र से प्राप्त इस कुल 8,473 करोड़ रुपये की राशि में अनुदान और ऋण दोनों मद शामिल हैं. राज्य को प्राप्त कुल अनुदान राशि 5,367 करोड़ रुपये रही है. इसमें केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में सर्वाधिक 3,403 करोड़ रुपये मिले हैं. इसके अलावा केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत 806 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें SNA-SPARSH के तहत मिली 656 करोड़ रुपये की राशि भी शामिल है. वहीं, बाह्य सहायता परियोजनाओं के अंतर्गत 513 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि व अन्य अनुदान मद में 402 करोड़ रुपये तथा वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर 243 करोड़ रुपये की सहायता राशि राज्य को हासिल हुई है.
पूंजीगत व्यय के लिए कुल 3089.53 करोड़ रुपये का बजट
दूसरी ओर, ऋण राशि के तहत प्रदेश सरकार को कुल 3,106 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. इसमें पूंजीगत निवेश के लिए केंद्र से मिली विशेष सहायता (SASCI) के रूप में 3,049 करोड़ रुपये की बड़ी रकम शामिल है, जबकि बाह्य सहायता परियोजनाओं के तहत 57 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है. राज्य सरकार ने सदन को यह भी अवगत कराया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पूंजीगत व्यय के लिए कुल 3089.53 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि विभिन्न विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति संबंधित प्रशासनिक विभागों द्वारा अपने स्तर पर प्रदान की जाती है, इसलिए इसकी अलग से समेकित सूचना वित्त विभाग के पास उपलब्ध नहीं है.
