हिमाचल प्रदेश को नए 162 जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर मिल गए हैं। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए लोक सेवा आयोग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 162 पदों पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की सिफारिश की है। आयोग ने लिखित परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण के आधार पर अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। अब चयनित अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। आयोग की ओर से जारी परिणाम के अनुसार चिकित्सा अधिकारी (जनरल विंग) के कुल 232 जॉब ट्रेनी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाई गई थी।
इन पदों के लिए विज्ञापन 15 नवंबर 2025 को जारी किया गया था। स्क्रीनिंग टेस्ट और विषय योग्यता परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा परिणाम 16 मई 2026 को घोषित किया गया, जिसमें 299 अभ्यर्थियों ने व्यक्तित्व परीक्षण के लिए अर्हता प्राप्त की थी। व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) 1 से 11 जून तक आयोजित किए गए। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर आयोग ने 162 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की है।
हालांकि 232 विज्ञापित पदों में से केवल 162 पद ही भरे जा सके हैं, जबकि 70 पद विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में रिक्त रह गए।
इनमें सबसे अधिक 35 पद भूतपूर्व सैनिक (यूआर) श्रेणी तथा 18 पद यूआर ऑर्थो शारीरिक रूप से दिव्यांग श्रेणी के शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की कुछ आरक्षित श्रेणियों में भी पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण पद खाली रह गए। आयोग के अनुसार भूतपूर्व सैनिक आश्रितों के लिए आरक्षित 42 पद पात्र अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के चलते संबंधित अवशिष्ट श्रेणियों के उम्मीदवारों से भरे गए हैं। 162 नए चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति से प्रदेश के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे कई स्वास्थ्य संस्थानों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
