शिमला। हिमाचल प्रदेश में आर्थिक रूप से सबसे कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल की तैयारी में है। नए बीपीएल सर्वेक्षण के सात चरणों में चयनित करीब 1.22 लाख अति गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री सुख परिवार योजना से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य केवल राहत प्रदान करना नहीं, बल्कि इन परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और गरीबी से ऊपर उठ सकें।
आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता
सूत्रों के अनुसार योजना के तहत चयनित परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का एकीकृत लाभ उपलब्ध करवाने की योजना है, इनमें जिन परिवारों के पास अभी तक पक्का मकान नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने पर विचार हो रहा है। इसके लिए पूरा डाटा एकत्रित किया जाएगा कि आखिर कितने परिवार कच्चे मकानों में रह रहे हैं।
महिलाओं को 1500 रुपये
मुख्यमंत्री ने अपने चौथे बजट में एक लाख गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को इंदिरा प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि देने की घोषणा की है। ऐसे में इन पात्र परिवारों को ये लाभ मिल सकता है। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और परिवार की आय में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
योजनाओं को एक मंच पर लाया जाएगा
राज्य के सबसे गरीब परिवारों तक योजनाओं का लाभ समग्र रूप से पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक मंच पर लाना आवश्यक है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री सुख परिवार योजना को गरीब परिवारों के लिए वन-स्टाप सपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
परिवारों का सत्यापन और पात्रता का मिलान होगा
प्रशासनिक स्तर पर पात्र परिवारों का सत्यापन और विभिन्न योजनाओं से उनकी पात्रता का मिलान किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लाभ प्रदान करने पर विचार हो रहा है। इस पहल से हजारों परिवारों के जीवन में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक असमानता कम करने में मदद मिलेगी।
