शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू चंडीगढ़ से शिमला लौट आए हैं, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी बैठक के लिए पहुंच चुके हैं। मानसून सत्र की तारीखों के एलान और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर मंथन के बीच इस बैठक में 50 से अधिक एजेंडा आइटम पर चर्चा होगी। सबसे बड़ी राहत बेरोजगारों और बागवानों को मिलने की उम्मीद है।
सरकार करीब एक हजार नए पदों पर भर्ती और सेब सहित अन्य फलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमआईएस) में बढ़ोतरी पर अंतिम मुहर लगा सकती है। सेब सीजन के बीच में प्रदेश के बागवानों के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है।
तीन विभागों में भर्ती को मिल सकती है मंजूरी
सरकार के तीन विभाग स्वास्थ्य, बागवानी व ग्रामीण विकास में करीब एक हजार पदों को भरने की मंजूरी प्राप्त हो सकती है। इसके अतिरिक्त वन विभाग में सहायक वन रक्षकों की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को भी इस बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिससे नई नियुक्तियों की राह आसान होगी।
सेब खरीद पर होगा फैसला
मुख्यमंत्री की प्राथमिक स्वीकृति के बाद बागवानी विभाग की ओर से मंडी मध्यस्थता योजना (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के नए नियम कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे। अब केवल पंजीकृत बागवानों से ही सेब की खरीद की जाएगी। विभाग के प्रस्ताव में एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी सेब खरीदने की सिफारिश है, हालांकि सरकार जनहित में इस संख्या को बढ़ा भी सकती है।
फल समर्थन मूल्य में वृद्धि संभव
पिछले वर्ष फलों के समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, लेकिन इस बार किसानों-बागवानों को राहत देने की तैयारी है। वर्तमान में सेब और आम 12 रुपये प्रति किलो तथा नींबू प्रजाति के फल 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे जा रहे हैं। कैबिनेट बैठक में इन दरों को बढ़ाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सीबीएसई स्कूल शिक्षक नियुक्ति
सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद का हल निकलने की पूरी उम्मीद है। सरकारी सब-कमेटी ने अपनी सिफारिशें और विकल्प सौंप दिए हैं, जिनमें से किसी एक पर आज मुहर लगेगी।
विधानसभा सत्र पर फैसला संभव
आगामी विधानसभा के मानसून सत्र की तारीखें तय करने का मामला भी एजेंडे का हिस्सा है। बजट में घोषित की गई इस कल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।
आर्थिक स्थिति पर होगी प्रस्तुति
बैठक के दौरान वित्त विभाग प्रदेश की वर्तमान वित्तीय स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार के सामने रखेगा। प्रधान सचिव (वित्त) इस पर एक प्रेजेंटेशन देंगे, जिसके आधार पर भविष्य के बड़े आर्थिक फैसले लिए जाएंगे।
