शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चरम पर पहुंच गया। विधानसभा परिसर उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक काउंसिल चेंबर के बाहर आमने-सामने आ गए और देर तक एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विपक्षी भाजपा विधायक जहां सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रतीकात्मक रूप से हाथ में ‘अटैचियां’ लेकर पहुंचा, वहीं सत्ता पक्ष (कांग्रेस) ने केंद्र द्वारा राज्य के वित्तीय हक रोकने के विरोध में तख्तियां लहराकर मोर्चा खोला।
अटैचियों में भरकर जा रहा पैसा: जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने परिसर में अटैचिंया व हाथों में तख्तियां लेकर जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी है और इसकी चर्चा हर चौक-चौराहे पर है। उन्होंने कांग्रेस के ही पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व सीपीएस नीरज भारती के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में तीन अटैचियां दिल्ली और दो मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के इतिहास में इतना संगठित भ्रष्टाचार पहले कभी नहीं देखा गया।
धारा-118 की स्वीकृतियों, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की सप्लाई में कमीशनखोरी का खेल तय लोगों के जरिए चल रहा है। आउटसोर्स कंपनियां कांग्रेस नेताओं के नाम पर हैं, जहां नौकरियां बाद में मिलती हैं और कमीशन पहले वसूला जाता है।
ईमानदारों को अटैची की जरूरत नहीं: सुक्खू
दिल्ली और वाराणसी दौरे से लौटने के बाद विधानसभा सत्र में पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विपक्षी भाजपा के अटैची प्रदर्शन और प्रस्तावित चार्जशीट को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा पलटवार किया है। विधानसभा परिसर में भाजपा के ब्रीफकेस लेकर किए गए प्रदर्शन पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नौ विधायक बिके थे, तब भी प्रदेश में अटैची की चर्चा हुई थी। अब दिए गए पैसे खत्म हो गए हैं, इसलिए भाजपा नेता खाली अटैची लेकर घूम रहे हैं।
यह परंपरा इनकी ही देन
अटैची की परंपरा भाजपा की देन है और जिन लोगों ने प्रदेश की संपदा को लूटकर अटैची भरी है, वे ही जानते हैं कि यह खेल कैसे चलता है। ईमानदार लोगों को अटैची की जरूरत नहीं होती। महंगाई का विरोध करना था तो भाजपा नेता अटैची में प्याज और चीनी भरकर लाते और जनता में बांटते। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार जीरो टालरेंस पर काम कर रही है और आने वाले दिनों में कई और नाम पुख्ता तथ्यों के साथ जनता के सामने आएंगे।
2017 की चार्जशीट वाले आज सरकार पर लगा रहे आरोप
भाजपा द्वारा लाई जा रही चार्जशीट पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि आज वही लोग चार्जशीट तैयार कर रहे हैं, जिनके नाम भाजपा ने अपनी 2017 की चार्जशीट में दर्ज किए थे। 2017 की चार्जशीट में सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा पर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए थे, जो आज खुद भाजपा में हैं। सहकारी बैंक मामले में हर्ष महाजन का नाम भी उसी चार्जशीट में था। जब सरकार ने इन मामलों में कार्रवाई शुरू की, तो पूरी भाजपा उनके बचाव में उतर आई। नेता प्रतिपक्ष केवल अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
विजिलेंस जांच और राष्ट्रगान विवाद पर घेरा
भाजपा विधायकों के विजिलेंस मुख्यालय जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता 10-15 विधायकों के साथ ऐसे जा रहे हैं, जैसे आजादी की जंग लड़कर आए हों। जांच एजेंसियां केवल दस्तावेज और ठेकेदारों के नाम मांग रही हैं, इसे बेवजह सियासी ड्रामा बनाया जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर बोले: घोषणा रहस्य में ही छिपी होती है
मंत्रिमंडल विस्तार और सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाए जाने के कयासों पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि सरकार के पास अभी एक साल चार महीने का वक्त है और समय आने पर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। उन्होंने छात्र राजनीति (एनएसयूआई) के दिनों को याद करते हुए कहा कि सुंदर सिंह ठाकुर उनके पुराने साथी हैं, लेकिन राजनीति में हर फैसले का एक वक्त होता है और घोषणा का रहस्य समय आने पर ही खुलेगा।
