पंजाब में कांग्रेसियों के बीच गुटबाजी के चलते नई दिल्ली में कांग्रेस पंजाब चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। बगावत के सुर एकदम शांत हो गए हैं और कांग्रेसियों के बीच बगावत के प्रकरण में फिलहाल सन्नाटा छा गया है। इस मसले पर दोनों गुटों के कांग्रेसी नेताओं से बात करने के बाद प्रभारी भूपेश बघेल और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल की रिपोर्टें राहुल गांधी के टेबल पर हैं।
हाईकमान का नेताओं को कड़ा संदेश
पार्टी सूत्र बताते हैं कि हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं को बगावत और आपसी गुटबाजी खत्म कर चुनावी तैयारियों में जुटने का कड़ा संदेश दे दिया है। व्यवस्था फिलहाल पहले जैसी ही रहेगी। जो नियुक्तियां हाईकमान ने कर दी है, उसी के तहत चुनावी तैयारियों में नेताओं की टीम उतरेगी। न तो प्रदेशाध्यक्ष बदला जाएगा और न ही सीएम फेस घोषित होगा। राहुल गांधी के चेहरे पर ही पंजाब में चुनाव लड़ा जाएगा।
इसी के चलते बघेल और वेणुगोपाल ने बुधवार को पंजाब के सभी वरिष्ठ नेताओं पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, डॉ. अमर सिंह, सुखपाल सिंह खैरा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं को दिल्ली बुलाकर चुनावी तैयारी पर चर्चा की।
दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने बैठक के बाद कहा, पंजाब में चुनावी तैयारियों के लिए गठित विभिन्न समितियों की पहली बैठक बुलाई गई है। इसमें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनावी तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाए।
इसके लिए हम कांग्रेस हाईकमान से समय मांगेंगे। विशेष रूप से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव प्रियंका गांधी से समय लेकर उनके नेतृत्व में अभियान शुरू किया जाएगा। बघेल ने कहा, प्रयास है कि चुनावी अभियान अगले महीने के बजाय इसी महीने शुरू हो जाए। हालांकि संसद का सत्र चल रहा है इसलिए राहुल गांधी की व्यस्तताओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम तय किया जाएगा। जल्द ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, दोनों की उपलब्धता के अनुसार समय लेकर अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। उनके कार्यक्रम के अनुसार ही पंजाब में चुनाव अभियान की शुरुआत की जाएगी।
गुटबाजी के मुद्दे पर भी चर्चा
पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक के दौरान पंजाब कांग्रेस में चली आ रही गुटबाजी और असंतोष का मुद्दा भी चर्चा का विषय रहा। हालांकि नेताओं ने सार्वजनिक रूप से किसी विवाद का उल्लेख नहीं किया लेकिन सूत्रों के अनुसार हाईकमान ने साफ संदेश दिया कि विधानसभा चुनाव से पहले व्यक्तिगत मतभेदों को पीछे छोड़कर संगठन को एकजुट रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। सभी नेताओं से कहा गया कि सार्वजनिक बयानबाजी से बचें और पार्टी मंच पर ही अपनी बात रखें। फिलहाल पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने तथा चुनावी तैयारी पर रहेगा।
