चंडीगढ़: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में देर रात आयोजित प्रवासी हरियाणा सम्मेलन में हरियाणा की माटी की खुशबू और प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखाई दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ सम्मेलन में शिरकत कर मुंबई में बसे हरियाणवियों से सीधा संवाद किया।
मुख्यमंत्री के पहुंचने पर प्रवासी हरियाणवियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने महाराष्ट्र की परंपराओं के अनुरूप उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में हरियाणा से संबंध रखने वाले जाने-माने फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा भी पहुंचे।
सम्मेलन में हरियाणा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने भी संबोधन किया। उन्होंने कहा कि ‘हैपनिंग हरियाणा’ के रोड शो के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं उन कर्मवीरों से मिलने मुंबई आए हैं, जिन्होंने हरियाणा से दूर जाकर भी अपनी मेहनत और लगन से प्रदेश का नाम रोशन किया है।
प्रवासी हरियाणवियों की मेहनत को मुख्यमंत्री ने बताया प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह पूरे हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि प्रदेश के लोग देश के अलग-अलग शहरों में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर अलग पहचान बना रहे हैं। हरियाणा से बाहर जाकर अपनी पहचान बनाने वाले लोग जहां रहते हैं, वहां प्रदेश की संस्कृति, संस्कार और मेहनत की परंपरा को भी आगे बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी की खुशबू आज देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में महक रही है। प्रदेश के लोगों ने अपनी कर्मठता के बल पर हर क्षेत्र में सफलता हासिल की है। किसी ने व्यापार में पहचान बनाई, किसी ने उद्योग में, किसी ने कला और फिल्म जगत में तो किसी ने सामाजिक क्षेत्र में अपनी अलग जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी हरियाणवी केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं लिख रहे, बल्कि उनके साथ हरियाणा की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। जब कोई हरियाणवी दूसरे प्रदेश या देश में सफलता हासिल करता है तो उससे पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ता है।
छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन कर दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश
सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शिवाजी महाराज के साहस, स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रहित के लिए समर्पित जीवन को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका व्यक्तित्व साहस, नेतृत्व और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक है। महाराष्ट्र की धरती पर हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देना हरियाणा और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक एवं भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक बना।
डॉ. अमित अग्रवाल बोले—हरियाणा के कर्मवीरों से मिलने आए हैं मुख्यमंत्री
हरियाणा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ‘हैपनिंग हरियाणा’ के रोड शो के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुंबई में हरियाणा के उन कर्मवीरों से मिलने पहुंचे हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से हरियाणा से दूर जाकर भी प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा की चमक-दमक देश ही नहीं, विदेशों में भी दिखाई दे रही है। हरियाणा ने अपने सीमित भौगोलिक क्षेत्र के बावजूद आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
डॉ. अमित अग्रवाल ने हरियाणा की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भौगोलिक दृष्टि से भारत के कुल क्षेत्रफल में हरियाणा की हिस्सेदारी केवल लगभग 1.34 प्रतिशत है, लेकिन देश की जीडीपी में प्रदेश का योगदान करीब 3.6 प्रतिशत है। यह आंकड़ा हरियाणा की आर्थिक क्षमता और उत्पादकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब चार लाख रुपये है। जीएसटी संग्रह की बात करें तो कई महीनों में हरियाणा देश के बड़े राज्यों में शामिल उत्तर प्रदेश से भी आगे रहता है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सीमित भौगोलिक क्षेत्र के बावजूद हरियाणा आर्थिक गतिविधियों, उद्योग, कारोबार और प्रति व्यक्ति आय के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
‘हैपनिंग हरियाणा’ के बाद प्रवासी समाज से सीधा संपर्क
डॉ. अमित अग्रवाल के संबोधन में ‘हैपनिंग हरियाणा’ के रोड शो का संदर्भ भी महत्वपूर्ण रहा। हरियाणा सरकार की ओर से निवेश और उद्योग को आकर्षित करने के लिए देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में संपर्क बढ़ाया जा रहा है। मुंबई देश के सबसे बड़े कारोबारी और वित्तीय केंद्रों में शामिल है। ऐसे में यहां बसे हरियाणा मूल के उद्यमियों और कारोबारियों के साथ सीधा संवाद आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री का प्रवासी हरियाणवियों के बीच पहुंचना केवल सम्मान और संवाद का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे हरियाणा की आर्थिक संभावनाओं, औद्योगिक विकास और निवेश के अवसरों से जोड़कर भी देखा गया। मुंबई में बड़ी संख्या में हरियाणा मूल के कारोबारी और उद्योग जगत से जुड़े लोग सक्रिय हैं। उनके अनुभव और निवेश क्षमता हरियाणा के विकास में उपयोगी साबित हो सकती है।
रणदीप हुड्डा की मौजूदगी ने बढ़ाया आकर्षण
सम्मेलन में हरियाणा से संबंध रखने वाले प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण दिया। फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले रणदीप हुड्डा ने राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का नाम रोशन किया है।
प्रवासी हरियाणवियों के बीच उनकी मौजूदगी इस बात का उदाहरण भी रही कि प्रदेश के लोग अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल, सेना, उद्योग, शिक्षा, प्रशासन, कला और मनोरंजन से लेकर सामाजिक सेवा तक हरियाणा के लोगों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।
मुंबई में हरियाणवी समाज ने किया भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर प्रवासी हरियाणवियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। महाराष्ट्र की परंपरागत शैली में स्वागत के अलग-अलग अंदाज दिखाई दिए। हरियाणा से मुंबई जाकर बसे व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
स्वागत करने वालों में धर्मपाल, अनिल कौशिक, जय कुमार गुप्ता और जगदीश गुप्ता सहित कई प्रमुख लोग शामिल रहे। लंबे समय से मुंबई में रह रहे हरियाणवियों के लिए यह आयोजन अपनी जन्मभूमि से जुड़ाव का अवसर भी बना।
मुख्यमंत्री ने जाने प्रवासी हरियाणवियों के अनुभव
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रवासी हरियाणवियों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि हरियाणा से बाहर जाकर बसे लोगों ने किस तरह अपनी पहचान बनाई और उन्हें किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी समाज की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा के लोगों में मेहनत और संघर्ष करने की क्षमता जन्मजात रूप से दिखाई देती है। यही कारण है कि प्रदेश से बाहर जाने के बाद भी हरियाणवी समाज अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि जहां भी हरियाणवी रहते हैं, वहां वे अपने संस्कार और अपनी पहचान को साथ लेकर चलते हैं। यही हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत है।
उद्योग और निवेश की संभावनाओं पर भी नजर
मुंबई में आयोजित यह सम्मेलन हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी और डॉ. अमित अग्रवाल के संबोधन ने यह संकेत दिया कि सरकार प्रवासी हरियाणवियों को प्रदेश की आर्थिक विकास यात्रा से जोड़ने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
हरियाणा के लिए प्रवासी समाज केवल भावनात्मक ताकत नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक पूंजी भी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में सफल कारोबारी और उद्यमी बने हरियाणवी यदि प्रदेश में निवेश करते हैं या नए उद्योग स्थापित करते हैं तो इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने का संदेश
मुख्यमंत्री ने प्रवासी हरियाणवियों से कहा कि वे अपनी सफलता के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी हरियाणा की संस्कृति और संस्कारों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि भले ही लोग रोजगार और कारोबार के लिए हजारों किलोमीटर दूर चले जाएं, लेकिन अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए।
मुंबई में जन्मी और पली-बढ़ी हरियाणा मूल की नई पीढ़ी के लिए ऐसे आयोजन अपनी विरासत को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। भाषा, संस्कृति, लोक परंपराएं और सामाजिक मूल्य अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में प्रवासी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है।
हरियाणा की पहचान अब सीमाओं से बाहर
प्रवासी हरियाणा सम्मेलन का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि हरियाणा की पहचान अब केवल प्रदेश की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। प्रदेश के लोग देश के बड़े महानगरों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपनी मेहनत से हरियाणा का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रवासी हरियाणवियों से संवाद के माध्यम से जहां उनकी उपलब्धियों का सम्मान किया, वहीं यह संदेश भी दिया कि सरकार और प्रदेश उनके योगदान को महत्व देती है। मुंबई में देर रात तक चले इस सम्मेलन में हरियाणा और महाराष्ट्र की संस्कृतियों का आत्मीय संगम देखने को मिला।
महाराष्ट्र की धरती पर हरियाणा की माटी की महक महसूस हुई और प्रवासी हरियाणवियों ने भी यह साबित किया कि स्थान बदलने से जड़ें नहीं बदलतीं। मेहनत, लगन, स्वाभिमान और अपनी मिट्टी से जुड़ाव ही वह पहचान है, जिसने हरियाणा को देश-दुनिया में एक अलग मुकाम दिलाया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव के मकरंद पांडुरंग सहित बड़ी संख्या में प्रवासी हरियाणवी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
