चंडीगढ़: हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व में प्रदेश का नागरिक उड्डयन विभाग नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उनका उद्देश्य हरियाणा को केवल हवाई यात्रा तक सीमित न रखकर विमानन प्रशिक्षण, एयरपोर्ट अवसंरचना, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाना है। मंत्री बनने के बाद उन्होंने पायलट प्रशिक्षण से लेकर एयरपोर्ट विकास, हेलीपोर्ट निर्माण, एयर एम्बुलेंस नेटवर्क और एयरोस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने तक अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं को गति दी है।
सबसे अधिक प्राथमिकता उन्होंने पायलट प्रशिक्षण को दी है। विपुल गोयल का मानना है कि हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिलाए जा सकते हैं।
इसी सोच के तहत करनाल, भिवानी और नारनौल स्थित फ्लाइंग स्कूलों की समीक्षा कर वहां आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, अनुभवी प्रशिक्षकों और उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से बेटियों को पायलट प्रशिक्षण में अधिक अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
राज्य में नए पायलट एवं एयर होस्टेस प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि हरियाणा के युवाओं को प्रदेश में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सके और वे एविएशन सेक्टर में अपना भविष्य बना सकें।
महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हिसार को प्रदेश के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। नियमित उड़ानों के संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। साथ ही यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा स्थापित करने की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है, जिससे विमान रखरखाव के क्षेत्र में हरियाणा नई पहचान बना सकेगा।
प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए करनाल में लगभग 600 एकड़ क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त पिंजौर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
विपुल गोयल ने एयर एम्बुलेंस सेवा को भी प्राथमिकता दी है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर यह सुझाव दिया है कि प्रमुख एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट एयर एम्बुलेंस संचालन के लिए आपातकालीन हवाई पट्टियां विकसित की जाएं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों में हेलिपैड विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नागरिक उड्डयन विभाग केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं है। मंत्री विपुल गोयल ने एयरोस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की भी पहल की है। फ्लाइंग क्लबों का विस्तार, पैराजंपिंग, माइक्रोलाइट फ्लाइंग और अन्य साहसिक विमानन गतिविधियों को प्रोत्साहित कर युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने विमानन क्षेत्र को औद्योगिक विकास, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन से जोड़ने की रणनीति अपनाई है। उनका मानना है कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा, उद्योगों को गति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट, एमआरओ, फ्लाइंग ट्रेनिंग और अन्य विमानन अवसंरचना के विकास को गति दी जा रही है। विभाग का लक्ष्य हरियाणा को उत्तर भारत का अग्रणी एविएशन हब बनाना है।
अंबाला की संभावनाओं पर भी बढ़ी उम्मीदें
हरियाणा के विमानन विकास की इस व्यापक योजना में अंबाला भी भविष्य की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री तथा अंबाला छावनी से सात बार के विधायक अनिल विज के प्रयासों से अंबाला का नागरिक हवाई अड्डा तैयार हो चुका है। यदि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और केंद्र सरकार की आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी होती हैं तो यहां से भी नियमित हवाई सेवाएं शुरू होने की संभावना है। इससे अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला तथा आसपास के जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और उत्तर हरियाणा के औद्योगिक, व्यापारिक, शैक्षणिक तथा पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।
प्रदेश में हिसार, करनाल और अन्य परियोजनाओं के साथ यदि अंबाला एयरपोर्ट भी जल्द परिचालन में आ जाता है तो हरियाणा का विमानन नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल के नेतृत्व में राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार के समन्वित प्रयास इस दिशा में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, पायलट प्रशिक्षण, महिलाओं की भागीदारी, एयरपोर्ट विस्तार, एयर एम्बुलेंस, हेलीपोर्ट, एयरोस्पोर्ट्स और आधुनिक विमानन अवसंरचना पर केंद्रित विपुल गोयल की कार्यशैली यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा देश के अग्रणी विमानन राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।
