पंचकूला। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर हरियाणा सरकार ने उनके हित में एक और बड़ा फैसला लिया है। तेल के संकट को देखते हुए प्रदेश सरकार किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने पर पांच लाख रुपये की सब्सिडी देगी।
यही नहीं, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों के अधिकारियों से यह बात भी की जा रही है कि वे हरियाणा में अपने संयंत्र स्थापित करें, जिससे किसानों को नया ट्रैक्टर और उससे जुड़े उपकरण खरीदने में आसानी रहे, इससे दूसरे राज्य का लगने वाला टैक्स नहीं लगेगा और उत्पाद सस्ता पड़ेगा।
इस नई योजना को फलीभूत करने के अंतर्गत हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर निर्माता कई कंपनियों के साथ बातचीत की और एक कंपनी की ओर से 45 हार्सपावर वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का डेमो भी देखा। ट्रैक्टर ने रोटोवेटर लगाकर खेत की जोताई की।
45 हार्सपावर वाला ई-ट्रैक्टर करीब 15 लाख रुपये का
किसानों में यह संशय है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर जोताई में प्रयोग किए जाने वाले हल रोटावेटर का लोड नहीं उठा पाता है। वहीं ट्राली के लोड को भी नहीं सह पाता है, जबकि डेमों में ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने ट्रैक्टर खरीदने पर पांच लाख की सब्सिडी देने का दावा किया।
45 हार्सपावर वाला ई-ट्रैक्टर करीब 15 लाख रुपये का है। इसके दो लाख रुपये रेट कम कराने में सरकार लगी हुई। किसानों को यह ट्रैक्टर 13 लाख रुपये का पड़ेगा, जिसके बाद पांच लाख रुपये की सब्सिडी सरकार देगी और किसान को आठ लाख ही देने होंगे।
हमने डेमो देखा है जिसके बाद ही निर्माता कंपनियों से बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं। महंगे हो रहे डीजल से किसानों को छुटकारा मिल जाएगा। ट्रैक्टर की बैट्री को अपने घर ही चार्ज किया जा सकेगा।
– राव नरबीर सिंह, उद्योग मंत्री, हरियाणा
