देहरादून। कांग्रेस नेता हरक सिंह को इन दिनों अपनी बहू के भाजपा में होने को लेकर इंटरनेट मीडिया पर उलाहने दिए जा रहे हैं। इस पर हरक सिंह रावत ने सफाई पेश की है।
उन्होंने कहा कि उनकी बहू को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का डर दिखाकर भाजपा में शामिल कराया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि कभी-कभी बच्चे अपने बड़ों की बात नहीं मानते और अपने मन की बात करते हैं।
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत इस समय कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाल रहे हैं। वहीं, उनकी बहू अनुकृति गुसाईं को भाजपा ने प्रदेश प्रवक्ता की अहम जिम्मेदारी दे रखी है। वह इस समय खुल कर पार्टी के पक्ष में अपनी राय रख रही है साथ ही कांग्रेस पर भी हमला बोल रही है।
इससे कांग्रेस असहज हो रही है और कहीं न कहीं हरक सिंह रावत पर भी कांग्रेस का अहम पदभार संभालने के बावजूद घर के सदस्यों को पार्टी में न ल पाने का दबाव भी पड़ रहा है।
बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान हरक सिंह रावत ने कहा कि वह घबराने वाले व्यक्ति नहीं है। मेरे परिवार के जो लोग घबरा सकते हैं, वे भाजपा में चले गए। उन्होंने कहा कि एक स्थिति के बाद बच्चे मां-बाप की इच्छा से कार्य नहीं कर सकते। वे अपने मन के अनुसार कार्य करते हैं।
कांग्रेस दबाव में डालकर जारी करवा रही ऐसा बयान: अनुकृति
वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डा. हरक सिंह रावत की बहू एवं भाजपा नेत्री अनुकृति गुसाईं ने डा. रावत के वक्तव्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि डा. रावत जिस समय को लेकर ईडी की बात कर रहे हैं, उस समय तो उनकी शादी भी नहीं हुई थी। वह किसी भी पद पर नहीं थीं। ऐसे में उनके लिए डरने वाली कोई बात नहीं है।
कांग्रेस को लग गया है कि वर्ष 2027 में भाजपा की सरकार बनने वाली है। वह इस तरह से दबाव बना रही है। ऐसा कहते हुए उन्हें भी दुख हुआ होगा। वह उत्तराखंड की बेटी हैं और कांग्रेस से डरने वाली नहीं है। वह उनके परिवार के सदस्यों को आगे लाकर उनकी आवाज को दबा नहीं सकते।
वह राष्ट्रवाद व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विचारधारा से प्रभावित होकर भाजपा में आई हैं। कांग्रेस के नेता दबाव में लाकर डा. रावत से यह बयान दिलवा रहे हैं। वह परिवार के बड़े सदस्य हैं, इसीलिए उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। लेकिन, कांग्रेस के दबाव डालने के इस चरित्र की निंदा करती हैं।
