उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में लाजपत नगर क्षेत्र की श्रीराम सोसाइटी में घरों के बाहर लगे ‘हिंदू सनातनी सोसाइटी’ के पोस्टर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इंटरनेट पर इन पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो साझा होने के बाद पूरे शहर में इस संवेदनशील मुद्दे पर एक नई बहस छिड़ गई है। इन पोस्टरों ने दो साल पहले इसी क्षेत्र की शिव मंदिर वाली गली में हुए हंगामे की यादें एक बार फिर ताजा कर दी हैं, जब घरों के बाहर सामूहिक पलायन के पोस्टर लगाए गए थे।
विवाद की जड़: मकानों की खरीद-फरोख्त
इस ताजा विवाद की जड़ में श्रीराम सोसाइटी के कुछ मकानों की खरीद-फरोख्त है। बताया जा रहा है कि सोसाइटी के एक-दो लोग अपने मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन मकानों को खरीदने के लिए एक विशेष समुदाय के ग्राहकों ने अच्छी कीमत लगाई है, जबकि अन्य खरीदार कम दाम दे रहे हैं। इसी बात से आशंकित सोसाइटी के निवासियों को यह डर सता रहा है कि दूसरे समुदाय की एंट्री से वहां का सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।
घर-घर पहुंचा पोस्टर
विरोध का यह अनोखा तरीका शनिवार को महज चंद घरों से शुरू हुआ था, जो रविवार तक सोसाइटी के 25 से अधिक घरों तक पहुंच गया। भगवान श्रीराम के चित्र वाले इन पोस्टरों पर स्पष्ट शब्दों में लिखा है: “पूर्णतः हिन्दू सनातनी सोसाइटी। यह क्षेत्र विशेष रूप से हिन्दू समाज के निवास के लिए है, कृपया अन्य पक्ष के लोग यहां मकान न लें।”
पुलिस और कानून की नजर में मामला
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कटघर पुलिस को तुरंत मौके पर भेजकर लोगों से शांतिपूर्वक वार्ता करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष से उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
दूसरी ओर, कानून के जानकारों का मानना है कि इन पोस्टरों पर किसी धर्म विशेष का नाम लिए बिना ‘दूसरे पक्ष’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। यह भाषा इतनी सतर्कता से चुनी गई है कि यह कानूनी रूप से किसी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई का मजबूत आधार नहीं बनती, भले ही यह सामाजिक तनाव पैदा कर रही हो। फिलहाल, इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बनी हुई है और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है।
