मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि वसूली प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में करीब 8,200 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय भी बढ़ाया जाएगा।
बिजली चोरी पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं पर चोरी के मामले दर्ज हैं, उन्हें एक बार फिर नोटिस देकर बकाया जमा कराने का मौका दिया जाएगा, इसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी के मौसम को देखते हुए मंत्री ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर 2 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे के भीतर बदले जाएं।
इसके अलावा, 11 केवी और 33 केवी फीडरों के आसपास पेड़ों की समय पर छंटाई, ट्रांसफार्मर उपलब्धता, और किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने तकनीकी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा किट का अनिवार्य उपयोग और सभी मानकों के पालन पर बल दिया।
ऊर्जा विभाग में पारदर्शी इन्वेंट्री प्रबंधन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि बिजली सेवाओं में सुधार लाया जा सके।
