चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सफीदों के बीजेपी विधायक राम कुमार गौतम को कानूनी नोटिस भेजकर पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के खिलाफ की गई आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने की मांग की है। नोटिस में कहा गया है कि विधायक द्वारा मीडिया में दिए गए बयान से स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला की प्रतिष्ठा, सम्मान और राजनीतिक विरासत को ठेस पहुंची है।
दिल्ली के अधिवक्ता प्रतीक सोम के माध्यम से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि रामकुमार गौतम ने प्रेस में यह बयान दिया कि स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला ब्राह्मण समाज के खिलाफ थे।
रामकुमार गौतम के बयान के मुताबिक नोटिस में इस बात का उल्लेख है कि चौटाला ने पूर्व में कभी यह बयान दिया था कि न बीजेपी रहेगी और न ब्राह्मण। नोटिस में इस बयान को पूरी तरह झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है।
‘सभी वर्गों के हितों में किया काम’
नोटिस में चौटाला परिवार की राजनीतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल और ओमप्रकाश चौटाला ने हमेशा सभी वर्गों और समुदायों के हित में काम किया। ओमप्रकाश चौटाला पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने कभी किसी जाति, धर्म या राजनीतिक दल के प्रति दुर्भावना नहीं रखी।
कानूनी नोटिस में यह भी कहा गया है कि विधायक गौतम का बयान न केवल मानहानिकारक है, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने वाला भी है। नोटिस में भारतीय न्याय संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
‘सात दिन के भीतर माफी मांगे’
दुष्यंत चौटाला की ओर से विधायक रामकुमार गौतम से सात दिन के भीतर बयान वापस लेने, सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में ऐसे बयान न देने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। रामकुमार गौतम भाजपा में आने से पहले दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी के नारनौंद से विधायक थे। उन्होंने कई बार दुष्यंत चौटाला पर भी व्यक्तिगत हमले किए।
