मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। वे राहत शिविर में पीड़ितों को आपदा किट भी बांटेंगे। वह काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। रात्रि में ही लखनऊ लौट जाएंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब पांच बजे आजमगढ़ से हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके पूर्व वह हेलीकॉप्टर से गंगा और वरुणा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करेंगे। पुलिस लाइन में बने सेफ हाउस में जनप्रतिनिधियों, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगभग 20 मिनट तक बाढ़ के हालात और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे।
सीएम योगी मीटिंग के बाद सीधे सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज में बने राहत शिविर पहुंचेंगे। यहां 160 से अधिक बाढ़ पीड़ितों से शिविर की व्यवस्थाओं का फीडबैक लेंगे। उन्हें राहत किट देंगे। यहां 40 परिवार रह रहे हैं। इनमें 65 पुरुष, 60 महिलाएं, 34 बच्चे और 06 बुजुर्ग हैं। सीएम यहां से कालभैरव और विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए जाएंगे। बाबतपुर एयरपोर्ट से शाम 7.30 बजे लखनऊ रवाना हो जाएंगे।
सफाई चकाचक
मुख्यमंत्री के अचानक दौरे को देखते हुए शुक्रवार शाम प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गईं। पुलिस लाइन से सलारपुर, कालभैरव औऱ काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच सड़क मरम्मत, लाइटिंग सहित सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाई जाने लगी। बाढ़ राहत शिविर के अंदर और बाहर पेंटिंग और सफाई भी होने लगी है।
गंगा-गोमती ने दी राहत की सांस
गंगा का रौद्र रूप शुक्रवार भोर से शांत होने के साथ सहायक नदियों-वरुणा, गोमती और नाद का भी वेग थम गया। सुबह आठ बजे जलस्तर की घटाव गति 0.5 सेंमी/घंटा रात आठ बजे एक सेंमी हो गई थी। रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.56 मीटर पर था। शुक्रवार को 12 घंटे के दौरान जलस्तर 10 सेंमी घटा है। केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक, प्रयागराज से बनारस वाया मिर्जापुर, गंगा में घटाव का ट्रेंड फिलहाल जारी रहेगा।
गंगा और सहायक नदियों के रूख में बदलाव से बाढ़ विस्थापितों और बाढ़ का दायरा बढ़ने से आशंकित लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि प्रभावित इलाकों में दुश्वारियों की फांस बरकरार है बल्कि शांत होने के पहले गंगा औ गोमती आठ नए गांवों को चपेट में ले चुकी थीं। विगत लगभग एक हफ्ते के दौरान 16 मोहल्लों एवं 24 गांवों से 836 परिवारों के 3876 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों एवं सुरक्षित स्थानों पर आश्रय ले चुके हैं।
शुक्रवार को 567 परिवारों के 2486 लोग राहत शिविरों में पहुंचाए गए। पीड़ितों की संख्या बढ़ी तो शिविरों की भी संख्या 19 से 20 हो गई। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए छह अतिरिक्त नाव-मोटरबोट की शुक्रवार को व्यवस्था की। बाढ़ क्षेत्र में कुल 42 नावें लगाई गई हैं। दबाव बढ़ने पर एनडीआरएफ की भी एक अतिरिक्त टीम प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय की गई।
