मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राज्य के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए राज्यपाल से सहयोग का आग्रह किया।
चंडीगढ़ में नए हिमाचल सदन की मांग: मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए नए हिमाचल सदन के निर्माण की आवश्यकता भी रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हिमाचल भवन अब पर्याप्त नहीं है। हर महीने हजारों विद्यार्थी, मरीज और अन्य लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्यों के लिए चंडीगढ़ आते हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-52 में करीब 4.736 एकड़ भूमि नए हिमाचल सदन के लिए चिन्हित की गई है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना की 99 वर्ष की लीज 2 मार्च 2024 को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में लीज समाप्त होने के बाद परियोजना के संचालन, प्रबंधन या कब्जे पर किसी भी प्रकार का दावा कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आपसी संवाद, सहयोगात्मक संघवाद और पारस्परिक सम्मान की भावना के साथ इन सभी लंबित मामलों का समाधान निकाला जा सकता है।
