कुल्लू: कुल्लू के जिला मुख्यालय ढालपुर मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की छठी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. सबसे पहले मुख्यमंत्री ढालपुर मैदान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए और उसके बाद उन्होंने मैदान में विभिन्न प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया. इसके बाद मुख्यमंत्री लालचंद प्रार्थी कला केंद्र पहुंचे. जहां पर उन्होंने सांस्कृतिक संध्या का आनंद लिया. इस दौरान दशहरा उत्सव समिति के द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया.
कुल्लू दशहरा उत्सव में सीएम सुक्खू
ढालपुर के रथ मैदान में इस बार एक और सांस्कृतिक मंच सजाया गया है. जहां पर ग्लोबल डांस के साथ-साथ लेजर और ड्रोन शो का आयोजन किया गया. ग्लोबल डांस में नेपाल, थाईलैंड, कज़ाख़िस्तान, मलेशिया, तजाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया, अमेरिका सहित एक दर्जन से अधिक देशों के कलाकारों ने अपने प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इसके अलावा मणिपुर, राजस्थान के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिला से आए कलाकारों ने भी अपनी संस्कृति की झलक पेश की. उसके बाद मुख्यमंत्री के समक्ष लेजर शो और ड्रोन शो का आयोजन किया गया.
लेजर और ड्रोन शो के माध्यम से रामायण तथा हिमाचल की संस्कृति को आसमान में उकेरा गया. जिसे देखने के लिए रथ मैदान में भी हजारों लोगों की भीड़ उपस्थित रही. इसके बाद ढालपुर के रथ मैदान में लालडी नृत्य का भी आयोजन किया गया. इस लालडी नृत्य में मुख्यमंत्री सुखविंदर भी शामिल हुए और कुल्लू की पहाड़ी धुन के बीच उन्होंने भी नाटी डाली.
दशहरा उत्सव में पहुंचे 15 देश के कलाकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि कुल्लू का अंतरराष्ट्रीय दशहरा हर साल विशेष आकर्षण के साथ पेश किया जा रहा है और प्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार इसका स्वरूप और विशाल करने में जुटी हुई है. इस साल भी अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में 15 देश के कलाकारों ने अपने प्रतिभा का प्रदर्शन किया और यहां पर रोजाना नए कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. ऐसे में आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव को और भव्य बनाया जाएगा.
इस दौरान प्रस्तुति देने पहुंची नाइजीरिया की अंतरराष्ट्रीय कलाकार ने कहा कि पहली बार उन्हें यह दशहरा उत्सव में भाग लेने का मौका मिला है. यहां पर उन्होंने अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया और कुल्लू की संस्कृति को भी समझने की कोशिश की है. ऐसे में अन्य देशों के कलाकार के साथ भी उन्हें मिलने का मौका मिला है.
पहाड़ी संस्कृति से रूबरू हुए विदेशी कलाकार
वहीं, घाना देश की कलाकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में होने भी अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देने का मौका मिला है. ऐसे में विभिन्न देशों की संस्कृति के साथ मिलकर उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी, जो काफी अच्छी रही. आने वाले दिनों में वह कुल्लू के अन्य इलाकों में भी घूमने की और यहां की संस्कृति को समझने का प्रयास करेगी.
वहीं, मणिपुर से आई कलाकार ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों में पहले भी वह अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं. ऐसे में कुल्लू में प्रस्तुति देकर उनकी टीम को काफी गर्व महसूस हो रहा है. पहाड़ी संस्कृति को समझने के साथ-साथ यहां के नृत्य, गीत को सुनने का भी अवसर मिला है.
