कुरुक्षेत्र। विधानसभा हलके लाडवा के शिवाला रामकुंडी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को जन संवाद कार्यक्रम किया। इस दौरान मेहरा गांव निवासी धूप सिंह और महिला प्रियंका ने शिकायत रखते हुए बताया कि उनके खेत के रास्ते में ट्रांसफार्मर और खंभे लगाकर रास्ता रोक दिया है, जिससे वे खेती भी नहीं कर पा रहे हैं।
इस दौरान महिला रोने लगी और कहा कि वह 19 शिकायतें दे चुकी है लेकिन रास्ता खाली नहीं हुआ। उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं। अब रास्ता नहीं मिला तो वह बेटे के साथ जहर खा लेगी। इस पर मुख्यमंत्री ने महिला को शांत कराया और फिर अधिकारियों को फटकार लगाई। मामले में एक्सईएन को फटकार लगाई तो उन्होंने कहा कि एक महीने पहले ही यहां ज्वाइन किया है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने एसडीएम लाडवा को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। एसपी को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सैनी ने जन संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आम नागरिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जल्द ऑनलाइन नाम ठीक करने की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आरटीई के तहत बच्चे का प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवाना सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के लिए 338 शिकायतें रजिस्टर्ड की गई थीं। मुख्यमंत्री करीब 10 शिकायकर्ताओं से ही मंच के माध्यम से सीधा संवाद कर पाए। उसके बाद उन्होंने नीचे उतर कर शिकायतकर्ताओं के पास जाकर उनकी शिकायतें लीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
74 सीएम अनाउंसमेंट में से 38 का काम हो चुAका पूरा
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि लाडवा हलके के विकास को गति देने के लिए उनके साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में 74 सीएम अनाउंसमेंट हुई हैं। इनमें से 38 का काम पूरा हो चुका और बाकी पर काम जारी है। स
रकार ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर पिछले साढ़े 11 वर्षों में 807 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 310 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
गंभीर मैटर हो तो बताओ, सबने हाथ उठाए तो सीएम वहीं पहुंचे
मुख्यमंत्री शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शिकायतें सुनने पहुंचे। 338 शिकायतें रजिस्टर्ड हुई थीं, लेकिन शुरू की 10 शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के बाद मुख्यमंत्री मंच पर माइक से लोगों से मुखातिब होते हुए बोले- किसे का कोई गंभीर मैटर हो तो बताओ।
इस पर शिकायत लेकर पहुंचे सभी लोगों ने हाथ उठा दिए। मुख्यमंत्री थोड़ा मुस्कुराए और अपनी कुर्सी छोड़ खड़े हो गए। इसके बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए हलके के लोगों के समीप पहुंच गए।
