करनाल। उद्यानिकी और आधुनिक कृषि तकनीकों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज से चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। आईसीएआर-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी करेंगे। सम्मेलन का विषय उद्यानिकी फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज एवं रोपण सामग्री का रणनीतिक प्रतिमान रखा गया है।
महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी (एमएचयू) के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि सम्मेलन 28 से 31 मई तक आयोजित होगा। सम्मेलन में देशभर के 150 से अधिक वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। कार्यक्रम में एएसआरबी के चेयरमैन डॉ. संजय कुमार और भारतीय उद्यानिकी संघ परिसंघ के डॉ. एच.पी. सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति और विशेषज्ञ भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन के दौरान हरियाणा के कई नवाचारी किसानों को उद्यान रत्न पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया जाएगा। इनमें करनाल के इनोवेटिव सजावटी बागवानी उद्यमी नितिन ललित, झज्जर के प्रगतिशील सब्जी उत्पादक नवीन कुमार, पंचकूला के मशरूम उत्पादक वीरेंद्र बाजवान और हांसी के फल एवं सब्जी उत्पादक कुलदीप आर्य शामिल हैं।
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आधुनिक खेती और आत्मनिर्भर कृषि पर रहेगा फोकस
सम्मेलन में बीज उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, रोगमुक्त पौध सामग्री और टिकाऊ खेती जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती कृषि चुनौतियों के बीच आधुनिक उद्यानिकी तकनीकें किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल सकती हैं। एमएचयू प्रशासन के अनुसार सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यह आयोजन करनाल को राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी शोध के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएगा।
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कार्यक्रम स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन पर प्रतिबंध
करनाल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कानून-व्यवस्था और वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधीश डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 और ड्रोन नियम, 2021 के तहत आदेश जारी किए हैं। 500 मीटर के दायरे को अस्थायी रेड जोन घोषित किया गया है। कार्यक्रम स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन, मानवरहित हवाई वाहन या किसी भी प्रकार की फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
