गुरुग्रामः कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक्शन मोड में नजर आए. बैठक के दौरान शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने पटवारी मंदीप हुड्डा को निलंबित करने के निर्देश दिए. बैठक में पटवारी के खिलाफ शिकायत रखी गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकारी कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम के मामले में किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा.”
15 शिकायतों में से 11 का मौके पर समाधान: बैठक में कुल 15 एजेंडे रखे गए, जिनमें से 11 शिकायतों का समाधान किया गया, जबकि बाकी मामलों को आगामी कार्रवाई के लिए लंबित रखा गया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए. सरकारी स्कूल की बिल्डिंग की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए. वहीं, सड़क की मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी की सैलरी काटने के निर्देश दिए.
पंजाब सरकार पर भी साधा निशाना: बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि “पंजाब में युवाओं को रोजगार नहीं मिला और सरकार नशे की समस्या को भी खत्म नहीं कर पाई है.”
पराली प्रबंधन करने में पंजाब सरकार विफलः प्रदूषण के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार को घेरा. उन्होंने पराली प्रबंधन को लेकर कहा कि किसानों के लिए उचित व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन पंजाब सरकार इस दिशा में जरूरी इंतजाम करने में विफल रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पराली के प्रबंधन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि प्रदूषण की समस्या से निपटा जा सके.
