हल्द्वानी: राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया. मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सुने और उनके समाधान का भरोसा दिया. उन्होंने कहा व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल बनाने के साथ निवेश और रोजगार को बढ़ावा दे रही है. सीएम ने बताया कि प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं. जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है.
हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर प्रदेश में व्यापार और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं. राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न व्यापार मंडलों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे. व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे उठाए.इसके अलावा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय किराना और रिटेल कारोबारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया. उन्होंने व्यापारी वर्ग को देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ बताते हुए उन्हें “ब्रांड इंडिया” का सच्चा राजदूत भी बताया.
सीएम धामी ने कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है. वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं. निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था भी की गई है. मुख्यमंत्री ने बताया पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं. जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है. सरकार का लक्ष्य उद्योगों को बाधा नहीं बल्कि सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि नए उद्योग स्थापित हों और रोजगार के अवसर बढ़ें.
युवाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ाने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी जिक्र मुख्यमंत्री ने किया. उन्होंने कहा सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके. स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “मेड इन उत्तराखंड” को देश और दुनिया में मजबूत ब्रांड बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
