उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में जन-सुविधाओं के विस्तार, आपदा राहत और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं और प्रभावितों की सहायता के लिए ₹16 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम धनराशि को वित्तीय मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही, वीर शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्होंने एक राजकीय संस्थान के नामकरण के प्रस्ताव पर भी अपनी मुहर लगा दी है।
आपदा प्रभावितों को त्वरित आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन परिवारों के लिए राहत राशि का अनुमोदन किया है, जो प्राकृतिक आपदाओं के कारण संकट में थे:
- यमुना नदी जलस्तर का प्रभाव: अगस्त 2025 में यमुना नदी के अवरुद्ध प्रवाह के कारण ग्राम कुन्शाला और स्यानाचट्टी क्षेत्र में बनी झील से प्रभावित 19 होटल और भवन स्वामियों को ₹61.09 लाख की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी।
- टिहरी क्षेत्र हेतु किराया भत्ता: जनपद टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी, प्रतापनगर और जाखणीधार जैसे क्षेत्रों में अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण बेघर हुए परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। किराये के मकानों में शरण लिए हुए इन परिवारों को 6 माह तक ₹4,000 प्रतिमाह की दर से कुल ₹19.28 लाख की सहायता स्वीकृत की गई है।
स्थानीय विकास को मिलेगी नई गति: ‘अनटाइड फंड’ की स्वीकृति
प्रदेश के सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की बाधाओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों के तहत ₹13 करोड़ का अनटाइड फंड जारी करने का अनुमोदन किया है। इस धनराशि से जिला प्रशासन अपनी आवश्यकताओं के अनुसार त्वरित विकास कार्यों को संपन्न करा सकेंगे।
देहरादून में सीवर और ड्रेनेज सिस्टम का सुदृढ़ीकरण
राजधानी देहरादून के शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ₹2.43 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत:
- पित्थूवाला शाखा के श्रद्धा एन्कलेव में पुरानी सीवर लाइनों को बदला जाएगा।
- संधू एन्कलेव और प्रियदर्शिनी एन्कलेव में आधुनिक एसपीएस (Sewerage Pumping Station) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को जलभराव और सीवरेज की समस्या से निजात मिलेगी।
शहीद लांसनायक रेवाधर के नाम समर्पित होगा राजकीय संस्थान
सैन्य परंपराओं और शहीदों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), खेतीखान का नाम बदलकर “शहीद रेवाधर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, खेतीखान” करने की स्वीकृति दी है। सरकार का यह निर्णय शहीद लांसनायक रेवाधर के सर्वोच्च बलिदान को चिरस्थायी बनाने और प्रदेश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
