देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लाभार्थियों को सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री का वर्चुअल संबोधन और राष्ट्रीय स्तर पर लाभ वितरण
इस अवसर पर देशभर में एक साथ आयोजित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिकों को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन और उद्योगों को प्रोत्साहन देना “विकसित भारत” के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत:
- पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की सहायता राशि दी जा रही है
- रोजगार देने वाले संस्थानों को प्रत्येक नए कर्मचारी पर 4 वर्षों तक ₹3 हजार प्रतिमाह सहायता मिलती है
उत्तराखंड में योजना का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में इस योजना का व्यापक लाभ देखने को मिल रहा है और हजारों कर्मचारियों तथा सैकड़ों नियोक्ताओं को राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना राज्य में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाएं
धामी ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं जैसे:
- स्टार्टअप इंडिया
- स्किल इंडिया
- डिजिटल इंडिया
- मेक इन इंडिया
- फिट इंडिया
- नई शिक्षा नीति
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इसके साथ ही राज्य सरकार भी कई योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अवसर दे रही है, जिनमें शामिल हैं:
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
- मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना
निवेश और आर्थिक विकास में उत्तराखंड की प्रगति
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। राज्य में 30 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं, जिनमें औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति शामिल हैं।
रोजगार और आर्थिक संकेतकों में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- बेरोजगारी दर में 4.4% की कमी आई है
- पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं
- राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से अधिक बढ़ी है
- पिछले एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23% की वृद्धि दर्ज की गई है
युवाओं के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, कौशल और नवाचार का उपयोग करें और केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसर सृजित कर “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
