खटीमा: आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति के रंग में देवीधुरा धाम एक बार फिर सराबोर हो उठा है. ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक छलिया नृत्य और भव्य कलश यात्रा के बीच विश्व प्रसिद्ध देवीधुरा बग्वाल मेले का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ. मां वाराही के जयकारों से गूंजे धाम में उत्तराखंड सरकार के मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मेले का उद्घाटन किया. अब सबकी निगाहें 28 अगस्त को होने वाली ऐतिहासिक बग्वाल पर टिकी हैं. इस दिन चारों खामों के योद्धा सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत करेंगे.
मेले का आयोजन 4 सितंबर तक चलेगा, जबकि इसका सबसे बड़ा आकर्षण ऐतिहासिक बग्वाल होगा, जिसका आयोजन 28 अगस्त को होगा. बग्वाल में चारों खामों के लोग पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ प्रतिभाग करते हैं. उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ. इसके बाद मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मां वाराही देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश एवं जनपदवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की.
शोभायात्रा में दिखी कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति: मेले के शुभारंभ अवसर पर मुख्य बाजार से मंदिर मंडल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई. ढोल-नगाड़ों, छलिया नृत्य और कलश यात्रा के बीच महिलाओं एवं छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की. संस्कृत महाविद्यालय देवीधुरा के विद्यार्थियों और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने वेद मंत्रों एवं स्वस्ति वाचन से अतिथियों का स्वागत किया. छात्र-छात्राओं की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं और अतिथियों का मन मोह लिया.
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा विश्व प्रसिद्ध मां वाराही धाम के वार्षिक मेले का शुभारंभ करना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने कहा कि देवीधुरा धाम उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. उन्होंने मां वाराही धाम से अपने बचपन के जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि देवीधुरा उनके लिए विशेष आस्था और आत्मीयता का केंद्र रहा है. उन्होंने प्रदेश और देशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में देवीधुरा पहुंचकर मां वाराही के दर्शन करने तथा मेले को शांतिपूर्ण एवं भव्य बनाने में सहयोग की अपील की.
हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद: देवीधुरा बग्वाल मेले में सात थोक और चार खामों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं प्रतिभागी पहुंचते हैं. मेले को लेकर प्रशासन और मेला समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए यातायात, पेयजल, स्वच्छता समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं. उद्घाटन के बाद मंदिर समिति की ओर से मंत्री राम सिंह कैड़ा को स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया.
