
लगभग 46 वर्षों बाद चंडीगढ़ की ऐतिहासिक वीआईपी रोड (राजेंद्र पार्क रोड) एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। वर्ष 1980 में सुरक्षा कारणों से आम लोगों के लिए बंद किए गए इस संवेदनशील मार्ग का उपयोग अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे के दौरान उनके काफिले के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, ताकि प्रधानमंत्री का आवागमन बिना किसी बाधा और ट्रैफिक जाम के संपन्न हो सके। यह सड़क कैपिटल कॉम्प्लेक्स, पंजाब एवं हरियाणा सचिवालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के बेहद करीब स्थित है। इसी वजह से इसे लंबे समय तक अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर आम यातायात के लिए बंद रखा गया था। आतंकवाद के दौर में सुरक्षा एजेंसियों ने इस मार्ग को सील करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद दशकों तक यहां केवल अधिकृत वाहनों की ही आवाजाही रही। पिछले कुछ वर्षों में इस सड़क को दोबारा खोलने को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार के बीच कई दौर की चर्चा हुई। प्रशासन का मानना था कि इस मार्ग के उपयोग से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जबकि पंजाब सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार इस सड़क पर आम जनता और सामान्य वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। इसका उपयोग केवल विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल, वीआईपी मूवमेंट और अधिकृत सरकारी वाहनों के लिए किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला भी इसी विशेष मार्ग से होकर अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे रूट पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। मार्ग के दोनों ओर पुलिस, अर्धसैनिक बल, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा इकाइयों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा जांच के बाद ही अधिकृत वाहनों को इस क्षेत्र में प्रवेश दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि वीआईपी रोड के उपयोग से प्रधानमंत्री के काफिले को बिना किसी ट्रैफिक व्यवधान के सुरक्षित आवागमन मिलेगा। साथ ही शहर के मध्य मार्ग और अन्य प्रमुख सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम में भी कमी आने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
