धर्मशाला। धर्मशाला में शपथ से पहले नगर निगम भाजपा पार्षदों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जिस कार्यालय में शपथ लेने व लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचना था। वहां पर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू व नगर निगम के आयुक्त का विरोध जताने पहुंचे पार्षदों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
धर्मशाला पुलिस ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का पुतला फूंकने के आरोप में आठ से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों व पार्षदों पर मामले दर्ज किए हैं। ऐसे में शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही पार्षदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। नगर निगम कार्यालय के बाहर वीरवार को भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जतााया, नारेबाजी की और पुतला फूंकने में भी सफल रहे।
हालांकि, इस बीच कुछ समय के लिए पुलिस मूक दर्शक बनकर देखती रही, जब पुतलों को आग लग गई तो जलते हुए पुतले पुलिस कर्मी ने छीनते हुए आगे नाले की तरफ फैंक दिए। इस बीच पुलिस की भी काफी फजीहत हुई और भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपना जमकर आक्रोश भी दिखाया।
नगर निगम धर्मशाला चुनाव 17 मई को हुए और परिणाम 31 मई को घोषित हुए। लेकिन नवनिर्वाचित पार्षदों की शपथ अब तक नहीं हो पाई है। शपथ में देरी से नाराज भाजपा समर्थित पार्षदों ने वीरवार को स्मृद्धि भवन के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। भाजपा पार्षदों का कहना है कि शपथ न होने से वार्ड की समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं और जनता को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
कोतवाली बाजार के फव्वारा चौक पुनर्विकास के विधायक निधि से कराए गए कार्य का उद्घाटन मुख्यमंत्री के नाम की पट्टिका लगाकर किया गया। इस मौके पर प्रदर्शन में भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष भवनेश चौधरी, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु सहित भाजपा पार्षद व कार्यकर्ता मौजूद थे। एसएचओ धर्मशाला नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन जारी है।
पुलिस ने सीएम का पुतला फूंकने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। धर्मशाला पुलिस थाना ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।-अशोक रत्न, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा
