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होली से पहले यूपी सरकार का तोहफा: लाखों कर्मचारियों के खातों में पहुंचा वेतन और पेंशन

उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के लिए इस बार की होली बेहद खास और खुशियों भरी…

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मुख्यमंत्री धामी ने दिए कड़े निर्देश, वनाग्नि नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

देहरादून। जंगलों में अग्नि नियंत्रण को सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि…

हेमकुंड साहिब यात्रा से पहले खुले लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के द्वार

चमोली: उच्च हिमालयी भ्यूंडार घाटी में स्थित पौराणिक तीर्थ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट आज 22 मई को विधि-विधान एवं वैदिक…

देहरादून शराब दुकान आवंटन मामला: हाईकोर्ट ने लगाई रोक

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के डालनवाला स्थित परेड ग्राउंड व राजपुर रोड पर संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों के आवंटन…

उत्तराखंड वन विभाग भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, अब स्नातक बनेंगे वन दरोगा

देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में वन दरोगा और वन आरक्षी पद पर नियुक्ति के नियम बदल दिए गए हैं. इस कड़ी…

सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही: पैनेसिया अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई

देहरादून: के पैनेसिया अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है. इतना ही नहीं मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल…

देहरादून में राष्ट्रीय कार्यशाला: जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीति पर मंथनदेहरादून: जलवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. भारत भी इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में देहरादून स्थित वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) में ग्रीनहाउस गैस इन्वेंट्री सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई. यह कार्यशाला 20 से 22 मई 2026 तक पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और सीएसआईआर-आईआईपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई. हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) को अपनी पहली बायेनियल ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट यानी बीटीआर 1 सौंपी है. इसके बाद अब देश बीटीआर 2 की तैयारी में जुट गया है. इसी को लेकर इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से जुड़े डेटा, रिपोर्टिंग सिस्टम और भविष्य की रणनीति पर मंथन किया. कार्यशाला में देश के कई बड़े संस्थानों के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल हुए. इनमें (CSIR-CIMFR), सीएमपीडीआई (CMPDI), सीआईआई (CII), आईआईटी आईएसएम (IIT-ISM) धनबाद, एनआईएएस (NIAS), एईईई (AEEE) और जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि मौजूद रहे. सभी ने ऊर्जा और इंडस्ट्रियल सेक्टर से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के आंकड़ों और उनके बेहतर आकलन पर अपने विचार साझा किए. “आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा. ऐसे में उत्सर्जन को सही तरीके से मापना और उसे कम करने के लिए नई तकनीकों पर काम करना बेहद जरूरी है. भारत विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहा है.”- डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट, निदेशक, सीएसआईआर-आईआईपी कार्यशाला के अलग-अलग सत्रों में पर्यावरण मंत्रालय के सलाहकार शरथ कुमार पल्लेरला, अतिरिक्त निदेशक अजय राघव, आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर अमित गर्ग और सीएसआईआर-आईआईपी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार पाठक ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा की. इस दौरान संयुक्त राष्ट्र को भेजी जाने वाली रिपोर्टिंग प्रक्रिया, एन्हांस्ड ट्रांसपेरेंसी फ्रेमवर्क और ग्रीनहाउस गैस इन्वेंट्री तैयार करने में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से बात हुई. वहीं, तकनीकी सत्रों में खास तौर पर ऊर्जा और इंडस्ट्रियल प्रोसेसेज एंड प्रोडक्ट यूज यानी आईपीपीयू सेक्टर पर फोकस किया गया. इसमें आयरन एंड स्टील इंडस्ट्री, रोड ट्रांसपोर्ट, पाइपलाइन ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री से निकलने वाले अलग-अलग उत्सर्जन पर चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि अगर सही डेटा और वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए तो भारत अपनी जलवायु रणनीति को और ज्यादा मजबूत बना सकता है. पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने क्या होगा? कार्यशाला में एथेनॉल ब्लेंडिंग पर भी खास चर्चा हुई. विशेषज्ञों का कहना था कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और भारत का विदेशी ईंधन पर खर्च भी घटेगा. इसे विकसित भारत 2047 के विजन से भी जोड़कर देखा गया. तीन दिन तक चली इस कार्यशाला के आखिर में बीटीआर 2 को 2026 के अंत तक और बीटीआर 3 को 2028 तक समय पर तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया.

देहरादून: जलवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. भारत भी इस चुनौती से…

CM योगी ने 17 निवेशकों को सौंपे आवंटन पत्र, निवेशकों बोले- निवेश के लिए सबसे बेहतर बना यूपी

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 17 बड़ी कंपनियों को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) नोएडा क्षेत्र में…

परिजनों को देखते ही इश्क फरमा रही युवती मुकरी, गुस्साए प्रेमी ने चुनरी से प्रेमिका को मार डाला

थानाभवन (शामली)।  प्रेमिका के बुलाने पर उसके घर मिलने पहुंचे गांव निवासी प्रेमी को युवती के स्वजन ने देख लिया।…