राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा है कि बजट 2026-27 में पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्राम विकास अधिकारी कैडर के हित में पदोन्नतियों में आ रही रुकावटों को दूर करने के साथ ही कैडर के मजबूती की दिशा में वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी पद का सृजन भी किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समयबद्ध रूप से नियमित पदोन्नति देने और इसके पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए अनुभव में दो वर्ष की छूट प्रदान की गई है। राज्य सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा भी 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया है, जो भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। राज्य सेवा के अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे अधिकारी कर्मयोगी की भावना से रूल बेस्ड से रोल बेस्ड कार्यशैली की ओर अग्रसर होंगे।
योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका
शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के अभिनन्दन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी गांव के विकास का आधार है और वे केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी जरूरतमंदों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाते हैं और ग्रामीणों के सपनों को पूरा करने में योगदान भी देते हैं।
प्रशासन का मूल मंत्र ‘नागरिक देवो भव’ होना चाहिए
उन्होंने कहा कि सुशासन से ही राजस्थान समृद्ध बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार प्रशासन का मूल मंत्र ‘नागरिक देवो भव’ होना चाहिए। इसी कड़ी में ग्राम विकास अधिकारी आमजन की सेवा में दिन-रात समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। साल 2014 के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में बड़ी संख्या में लाभार्थी जनकल्याणकारी और आधारभूत विकास की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सरकारी कार्मिकों की कार्यक्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी की शुरूआत की है। इसके जरिये कार्मिक विकसित भारत-विकसित राजस्थान के सपने को पूरा कर रहे हैं।
पानी एवं बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पानी एवं बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परियोजनाएं प्रारंभ की हैं। पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। वहीं ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि कर किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। राज्य में युवाओं को सरकारी नौकरी के भरपूर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
पशुपालकों के लिए अनेकों योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर वीबी जी राम जी, स्वच्छ भारत मिशन, स्वामित्व योजना जैसी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डेयरी संबंधी कार्यों को प्रोत्साहन देने के साथ ही पशुपालकों के लिए अनेकों योजनाएं चलाई हैं। राजीविका के जरिये महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए आगामी 23 से 25 मई तक ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन करने जा रही है। ग्राम विकास अधिकारी इस आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान प्रारंभ किया है, जिसमें विस्तृत रिपोर्ट बनाकर हर गांव और वार्ड के सर्वांगीण विकास का खाका तैयार किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि राजस्थान को नम्बर वन स्टेट बनाने के लिए सभी मिलकर कार्य करें।
