लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फार्मर रजिस्ट्री न करा पाने वाले किसानों को गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। उन्होंने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से व्यवस्था लागू करने के लिए कहा गया है।
अब वे किसान भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेच सकेंगे, जो अब तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पाए है। इससे खरीद प्रक्रिया में तेजी आने और अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जानी है। इसके लिए 15 मई आखिरी तिथि है और 23 मई के बाद इस प्रक्रिया के तहत पंजीकरण न कराने वाले किसानों को किसी भी सरकारी याेजना, अनुदान आदि का लाभ नहीं मिलेगा। इससे पहले प्रदेश में चल रही गेहूं की सरकारी खरीद में उपज विक्रय के लिए किसान की फार्मर रजिस्ट्री होना अनिवार्य कर दिया गया था।
प्रदेश में 2,88,70,495 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जानी है और सोमवार शाम तक 2,13,96,428 किसानों का ही पंजीकरण हो पाया है। क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त होने के पीछे फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता को भी कारण माना जा रहा था।
फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता खत्म करने के निर्देश
किसानों की समस्या के निदान के लिए मुख्यमंत्री ने सोमवार को खरीद प्रक्रिया में फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता को शिथिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बेतहाशा गर्मी को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, पंखा, छाया आदि व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार सोमवार शाम तक 41,964 किसानों से 2,36,479 टन गेहूं की खरीद हुई है। फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता खत्म होने के बाद क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद बढ़ने की संभावना है।
