पटना: राज्यभर में लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे को लेकर बिहार पुलिस और परिवहन विभाग ने विशेष पहल शुरू की है. बिहार पुलिस और परिवहन विभाग ने 90 दिन से पुराने ई-चालानों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत लगाने का निर्णय लिया है. इसमें वाहन चालकों को एकमुश्त भुगतान करने पर करीब 50 फीसदी तक की बड़ी छूट दी जाएगी.
9 मई को पहली लोक अदालत: एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि पहली लोक अदालत 9 मई को पटना समेत सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित हुई. एडीजी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए सभी जिला मुख्यालयों में लोक अदालतों का आयोजन कराया जा रहा है.
ऑनलाइन और ऑफलाइन कर सकेंगे निपटारा: एडीजी के मुताबिक इसके तहत वाहन मालिक अपने पुराने चालानों का निपटारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को राहत देने के साथ-साथ लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है.
“श्रृंखला की पहली लोक अदालत का आयोजन 9 मई को किया जा रहा है.अगले साल मार्च तक इसी तरह की लोक अदालतें आयोजित होंगी. इसमें ऐसे वाहन चालक जिनका चालान 90 दिन से अधिक समय से लंबित है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत छूट का लाभ लेते हुए अपने मामलों का निपटारा करा सकेंगे.” – सुधांशु कुमार, एडीजी (ट्रैफिक)
घायलों के लिए 1.50 लाख की मदद: इस दौरान एडीजी ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की नई पहल की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को पीएम राहत योजना की शुरुआत की गई है. इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी: एडीजी ने बताया कि योजना की राशी का लाभ लेने के लिए पीड़ित को हादसे के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराना और ई-डार पोर्टल पर जानकारी देना अनिवार्य है.यदि घायल व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड उपलब्ध है, तो वह भी इलाज में उपयोग किया जा सकता है.
24 घंटे में छोड़ना होगा वाहन: सुधांशु कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित राहत और कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई निर्देश जारी किए गए हैं. मोटरयान अधिनियम की धारा 136 के तहत अब थानों में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को लंबे समय तक नहीं रोका जाएगा. एमवीआई जांच के बाद 24 घंटे में वाहन छोड़ना होगा. एडीजी ने स्पष्ट किया कि अब किसी अतिरिक्त रिपोर्ट के इंतजार में वाहन को थानों में जमा रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी.
हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत: एडीजी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अपना दुर्घटनाग्रस्त वाहन छुड़ाने में परेशानी होती है, तो वे सीधे पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9031829356 पर कॉल कर सकते हैं.पुलिस मुख्यालय ने सभी डीएसपी और अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं.
जागरूकता और सुरक्षा पर जोर: सुधांशु कुमार ने अपील करते हुए कहा कि वाहन चालक समय पर ट्रैफिक नियमों का पालन करें और लंबित चालानों का शीघ्र निपटारा कराएं. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के प्रति जागरूक बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है.
