शिमला। हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले की बीपीएल महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा। वहीं, कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए कोई घोषणा न होने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। इंदिरा प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना की बात करें तो प्रदेश में अभी तक इसके तहत 35 हजार से अधिक महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बीपीएल परिवार के तहत एक लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रदान करने की इस वित्तीय वर्ष के बजट में घोषणा की है।
ऊना में सबसे अधिक लाभार्थी
बिलासपुर में 3254, मंडी में 3187, सिरमौर में 4128, कुल्लू में 1451, बंजार में 2238, निरमंड में 594, शिमला में 2569, डोडरा क्वार में 509, कुपवी में 2171, किन्नौर में 309, सोलन में 591, कांगड़ा में 2233, हमीरपुर में 723, चंबा में 1353, पांगी में 1926, लाहुल-स्पीति में 1171, ऊना में सबसे अधिक 7280 महिलाओं को 1500 रुपये मासिक मिल रहे हैं।
ग्रुप-ए और बी श्रेणी के अधिकारियों को राहत
आरडीजी बंद होने के बाद हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने में जुटी राज्य सरकार ने हिमाचल दिवस पर ग्रुप-ए और बी श्रेणी के अधिकारियों को राहत दी है। इसके तहत अब उनके वेतन में छह माह तक होने वाली तीन प्रतिशत अस्थायी कटौती को रोकने का निर्णय लिया है। हालांकि माननीय से लेकर उच्च अधिकारियों के वेतन में 30 से 20 प्रतिशत की कटौती जारी रहेगी।
कर्मचारी व पेंशनर निराश
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में वेतन में अस्थायी कटौती की घोषणा की थी। हिमाचल दिवस पर कर्मचारी व पेंशनर सरकार से डीए की आस लगाए बैठे थे, लेकिन मुख्यमंत्री के भाषण में भी डीए देने का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों व पेंशनरों को निराशा मिली है।
