ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने सरकारी बसों के बेड़े के विस्तार की घोषणा की है। परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सितंबर के मध्य तक पीआरटीसी के बेड़े में 100 विश्वस्तरीय ‘पीआरटीसी जूनियर’ बसें शामिल कर दी जाएंगी। ये पूरी तरह निर्मित मिडी बसें आयशर की ओर से तैयार कर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
परिवहन विभाग की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान चीमा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए विचारों पर काम करने के निर्देश दिए।
चीमा ने कहा कि राज्य के सरकारी बस बेड़े में कुल 1,279 नई बसें शामिल की जा रही हैं। इससे सरकारी बसों की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी। उन्होंने इसे पिछले 20 वर्षों में सरकारी बस बेड़े का सबसे बड़ा विस्तार बताया।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार पीआरटीसी और पनबस की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और परिचालन क्षमता मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए सेवा विस्तार के साथ आय के नए स्रोत विकसित करने और मौजूदा राजस्व को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब से दिल्ली एयरपोर्ट तक यात्रियों की सुविधा के लिए जालंधर और लुधियाना से 15 प्रीमियम एयरपोर्ट बसें शुरू की गई हैं। इनमें वोल्वो कोच भी शामिल हैं। चीमा के अनुसार, इस पहल से प्रवासी भारतीयों, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और आम यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिली है।
उन्होंने दावा किया कि एयरपोर्ट बस सेवा शुरू होने से निजी परिवहन क्षेत्र में वर्षों से कायम एकाधिकार को चुनौती मिली है और यात्रियों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट तक सफर अधिक सुगम हुआ है।
बैठक में सचिव परिवहन वरुण रूजम, पनबस के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार गुप्ता, पीआरटीसी की प्रबंध निदेशक मनीषा राणा, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक नवदीप कुमार और पीआरटीसी चंडीगढ़ के महाप्रबंधक अमनवीर टिवाणा समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
