यूपी के आगरा से हैरान-परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है। ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र के बालाजी नगर की रहने वाली एक 65 वर्षीय महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। नाते-रिश्तेदार सभी महिला अी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए घर पहुंचने लगे। अंतिम संस्कार से पहले अचानक से महिला जिंदा हो गई। पहले तो घर वालों को विश्वास ही नहीं हुआ। महिला ने खुद बोलकर कहा कि मैं जिंदा हूं। ये मामला जिसने भी सुना वही महिला को देखने के लिए उनके घर की तरफ दौड़ पड़ा। देखते ही देखते महिला के घर पर भीड़ लगने लगी। हालांकि परिजन मृत्यु का सही समय, अस्पताल का नाम और डेथ सर्टिफिकेट के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। सुबह दस बजे के बाद से परिजनों ने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
परिजनों के दावे के अनुसार सोमवार को 65 वर्षीय शीला देवी को बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने उन्हें वेंटीलेटर पर ले लिया। बुधवार तड़के मृत घोषित कर दिया। परिजन उन्हें एंबुलेंस से पहले एक बेटे के घर बदायूं ले गए। उसके बाद आगरा लेकर आए। बुधवार की देर शाम अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई। फूल मालाएं आ गईं। परिजनों के दावे के अनुसार रात आठ बजे जैसे ही छोटा दामाद अंतिम दर्शन को गया तो वृद्धा ने हाथ पकड़ लिया और कहा, मैं जिंदा हूं, मरी नहीं हूं…।
कुछ दिन पहले बदायूं चली गई थी महिला
ट्रांसयमुना के बालाजीपुरम निवासी शीला देवी के पति हरिओम माहौर का आठ साल पहले निधन हो गया था। वे स्वास्थ्य विभाग में थे। बड़ा बेटा सुनील माहौर घर के नीचे परचून की दुकान करता है। छोटा बेटा संजीव माहौर पिता के स्थान पर मृतक आश्रित नियुक्ति से स्वास्थ्य विभाग बदायूं में तैनात है। कुछ महीने पहले शीला देवी छोटे बेटे के पास बदायूं चली गई थीं। उन्हें सांस संबंधी बीमारी थी। कुछ दिनों पूर्व उनका एक ऑपरेशन हुआ था। सोमवार को तबीयत खराब होने पर उन्हें बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था।
घर वाले नहीं दिखा सके डेथ सर्टिफिकेट
हिन्दुस्तान ने जब पूरे मामले की पड़ताल शुरू की तो परिजन न तो बरेली के उस अस्पताल का नाम बता पाए, जहां मृत घोषित किया गया था और न ही मृत्यु प्रमाणपत्र दिखा सके। गुरुवार शाम को आगरा के एक अस्पताल में वेंटीलेटर पर भर्ती बताया गया मगर वहां भी इस नाम की कोई मरीज नहीं थी। एक परिजन संजीव माहौर का कई बार नंबर मिलाया गया मगर नहीं उठा।
