चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी से पत्नी निकहत अंसारी की अवैध मुलाकात मामले में गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अब्बास ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर जान को खतरा बताया और सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई। विधायक अब्बास पत्नी के साथ गुरुवार दोपहर पांच गाड़ियों के काफिले के साथ कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचे। दो आरोपियों के हाजिर न होने और एक आरोपी के डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र देने के कारण मामले में आरोप तय नहीं हो सके। अब 18 सितंबर को सुनवाई होगी और आरोप तय होने के बाद गवाहों के बयान होंगे।
पांच गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे विधायक
विधायक अब्बास अंसारी पत्नी निकहत अंसारी के साथ गुरुवार दोपहर 12 बजे पांच गाड़ियों का काफिला लेकर कोर्ट पहुंचे। अब्बास की गाड़ी कोर्ट परिसर के अंदर गई। बाकी गाड़ियां बाहर खड़ी रहीं। वह ढाई घंटे तक कोर्ट के अंदर रहे। मामले में गुरुवार को ही आरोप तय होने थे। सभी आरोपियों के कोर्ट में मौजूद नहीं होने पर आरोप तय नहीं हो सके। आरोपी सपा जिलाध्यक्ष फराज खान ने न्यायालय में डिस्चार्ज अर्जी दी। नियाज अंसारी के अधिवक्ता ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई।
वहीं एक अन्य आरोपी जगमोहन केंद्रीय जेल आगरा में बंद होने से पहुंच नहीं सके। आरोपियों की गैरमौजूदगी के कारण कोर्ट ने आरोप तय करने की कार्रवाई आगे बढ़ा दी। अब सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने बताया कि विधायक अब्बास अंसारी से संबंधित भ्रष्टाचार निवारण का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसमें आरोप तय होने थे। इसके लिए अब्बास अंसारी अपनी पत्नी निकहत बानो के साथ उपस्थित हुए थे, लेकिन आरोपी फराज खान के डिस्चार्ज आवेदन दिए जाने, नियाज अंसारी की हाजिरी माफी और आगरा जेल में बंद जगमोहन के उपस्थित न हो पाने के कारण आरोप तय नहीं हो सके।
कोर्ट ने स्वीकार की सुरक्षा की अर्जी
अब्बास अंसारी ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर जानमाल का खतरा बताया। उन्होंने कहा कि पिता मुख्तार अंसारी एक मामले में शिकायतकर्ता थे। अब मैं इस केस की पैरवी कर रहा हूं। ऐसे में मुझे कोर्ट आने-जाने के दौरान खतरा महसूस हो रहा है। इसलिए अगली तारीखों पर सुरक्षा बढ़ाई जाए। कोर्ट ने अब्बास अंसारी की अर्जी को स्वीकार कर लिया।
डीएम-एसपी के छापे में कमरे में मिली थीं निकहत
चित्रकूट जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी और पत्नी निकहत के अवैध मुलाकात का मामला 11 फरवरी 2023 को सामने आया था। निकहत पति अब्बास से मिलने अक्सर चित्रकूट जेल जाती थीं। इस बात की जानकारी चित्रकूट डीएम और एसपी को गोपनीय तरीके से मिली। इसके बाद जेल में छापा डाला गया तो यहां एक कमरे में निकहत बानो मिली, बाहर से ताला बंद था।
मौके से ही निकहत को गिरफ्तार कर जेल भेज गया था
पता चला कि अफसरों के पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही अब्बास को जेलकर्मियों ने कमरे से निकाल दिया था। चेकिंग में निकहत अंसारी के पास से विदेशी करेंसी और मोबाइल बरामद हुआ था। पूछताछ के बाद निकहत अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में पता चला निकहत नियमों के खिलाफ लंबे समय तक जेल में रहीं।
जेल अधीक्षक, जेलर समेत कई पर हुआ था केस
कर्वी कोतवाली में विधायक अब्बास अंसारी, पत्नी निकहत अंसारी, चालक नियाज, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान, सपा जिलाध्यक्ष फराज खान और शाहबाज समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। करीब एक साल पहले यह मामला लखनऊ की अदालत से बांदा स्थानांतरित हुआ था। अब इसकी सुनवाई बांदा जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में चल रही है।
